कोटा | नागरिक अभिव्यक्ति। शहर के अहलूवालिया मॉल में बुधवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब एक जंगली जानवर कबर बिज्जू मॉल के अंदर घुस आया। कर्मचारियों की नजर पड़ने पर वह डक्ट से होते हुए ऊपर की ओर पहुंच गया और मॉल की सबसे ऊपरी मंजिल पर लिफ्ट के ऊपर छिप गया। सूचना मिलने पर वन विभाग, नगर निगम की रेस्क्यू टीम और स्नेक कैचर मौके पर पहुंचे। करीब तीन घंटे तक चले अभियान के बाद कबर बिज्जू को सुरक्षित पकड़ लिया गया।
लिफ्ट के ऊपर छिपा मिला वन्यजीव
स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि उन्हें अहलूवालिया मॉल में जंगली जानवर के होने की सूचना मिली थी। टीम मौके पर पहुंची और मॉल के अंदर उसकी तलाश शुरू की। काफी देर तक खोजबीन करने के बाद कबर बिज्जू टॉप फ्लोर पर लिफ्ट के ऊपर छिपा मिला।
इसके बाद वन विभाग के वीरेंद्र सिंह, नगर निगम के जावेद और चंगेज खान तथा स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने सावधानीपूर्वक जाल की मदद से कबर बिज्जू को सुरक्षित पकड़ लिया। करीब तीन घंटे तक चले अभियान के सफल होने पर टीम ने राहत की सांस ली। इसके बाद वन विभाग की टीम उसे हैंगिंग ब्रिज की तरफ जंगल में छोड़ने के लिए ले गई।
रेलवे लाइन के आसपास से आने की संभावना
गोविंद शर्मा के अनुसार, अहलूवालिया मॉल के पास से रेलवे लाइन गुजरती है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि कबर बिज्जू रेलवे लाइन के आसपास से मॉल में पहुंचा होगा। हालांकि, उसके मॉल के अंदर आने के वास्तविक कारण की पुष्टि नहीं हुई है।
व्यस्त मॉल में जंगली जानवर के पहुंचने से कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों के बीच हलचल की स्थिति बन गई। समय पर सूचना मिलने और रेस्क्यू टीम के पहुंचने से वन्यजीव को सुरक्षित पकड़ने में मदद मिली।
खंडहरों और पुरानी इमारतों में रहना पसंद करता है कबर बिज्जू
गोविंद शर्मा ने बताया कि कबर बिज्जू आमतौर पर रिहायशी इलाकों में कम दिखाई देता है। यह खाली स्थानों, खंडहरों, पुरानी इमारतों, हवेलियों और नदी के आसपास के क्षेत्रों में रहना पसंद करता है। यह सड़े-गले मांस सहित अन्य खाद्य पदार्थ भी खाता है। छिपने के लिए सुरक्षित और सुनसान जगह तलाशते हुए ऐसे वन्यजीव कभी-कभी आबादी वाले क्षेत्रों या इमारतों में पहुंच सकते हैं।
वन्यजीव दिखने पर खुद पकड़ने की कोशिश न करें
स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं कबर बिज्जू या कोई अन्य जंगली जानवर दिखाई दे, तो उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। उसे पकड़ने, छेड़ने या घेरने का प्रयास नहीं करना चाहिए। वन्यजीव के काटने या खरोंच
