कोटा, 2 अक्टूबर। राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण और शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को मंडल प्रशिक्षण केंद्र आलनिया में वन्यजीव संरक्षण सप्ताह का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर संगोष्ठी और क्विज प्रतियोगिता आयोजित कर विद्यार्थियों, स्काउट-गाइड एवं आमजन को वन्यजीवों और प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अनिल पोरवाल रहे। अध्यक्षता राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड के जिला प्रधान तथा शिक्षा सहकारी सभा 696 के अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल ने की। सीओ स्काउट बृजसुंदर मीणा और जिला ट्रेनिंग कमिश्नर गोपाल कृष्ण मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन श्याम गुप्ता ने किया।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि वन्यजीव प्रकृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके संरक्षण से पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना केवल सरकार या वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। विद्यार्थियों और स्काउट-गाइड के माध्यम से संरक्षण का संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाया जा सकता है।
क्विज प्रतियोगिता में पूछे वन्यजीव संरक्षण से जुड़े सवाल
कार्यक्रम में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर प्रतिभागियों को संकल्प दिलाया गया। सभी ने वन्यजीवों की सुरक्षा, उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण और पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
इसके बाद वन्यजीव संरक्षण विषय पर क्विज प्रतियोगिता हुई। इसमें प्रतिभागियों ने वन्यजीवों, पर्यावरण, जैव विविधता और संरक्षण से जुड़े सवालों के जवाब दिए। प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रोत्साहन स्वरूप नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। अतिथियों ने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ पर्यावरण संरक्षण की भावना भी विकसित करती हैं।
कार्यक्रम में रूपचंद शर्मा, नीलम पारेता, सूरज और डिम्पल महावर सहित स्काउट-गाइड से जुड़े पदाधिकारी, कार्यकर्ता और प्रतिभागी उपस्थित रहे। अंत में आयोजकों ने वन्यजीव संरक्षण सप्ताह के दौरान अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने और संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
