कोटा। राज्य सरकार की अन्नपूर्णा रसोई में भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की हकीकत जांचने शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर अचानक केशवपुरा चौराहे स्थित रसोई पहुंच गए। मंत्री ने यहां आम नागरिक की तरह बैठकर भोजन किया और निर्धारित राशि का भुगतान भी किया।
दोपहर करीब 2 बजे पहुंचे मंत्री दिलावर ने भोजन की गुणवत्ता को तो मापदंडों के अनुरूप पाया, लेकिन व्यवस्थाओं में कई खामियां सामने आने पर नाराजगी जताई। रसोई में चावल खत्म हो चुके थे और कुछ रोटियां जली हुई मिलीं। भोजन परोसने के लिए पर्याप्त कर्मचारी भी मौजूद नहीं थे, जिसके चलते लोगों को खुद ही खाना लेकर अपनी थाली भरनी पड़ रही थी।
निरीक्षण के दौरान टेबलों पर झूठी प्लेटें पड़ी मिलीं और कई टेबल गंदे थे। स्टाफ की कमी के कारण सफाई और भोजन वितरण व्यवस्था भी प्रभावित नजर आई।
मंत्री दिलावर ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम आयुक्त ओ.पी. मेहरा को संबंधित अन्नपूर्णा रसोई की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अन्नपूर्णा रसोई का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है, इसलिए व्यवस्थाओं में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
