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जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय का किया निरीक्षण

शैक्षणिक, चिकित्सकीय एवं जनसेवा व्यवस्थाओं का अवलोकन कर दिए आवश्यक निर्देश

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जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय का किया निरीक्षण
जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय का किया निरीक्षण
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नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा

कोटा, 6 अक्टूबर। जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने मंगलवार को तलवंडी स्थित वैद्य दाऊ दयाल जोशी राजकीय आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा एकीकृत महाविद्यालय और संबद्ध जिला आयुर्वेद चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रायोगिक व्यवस्थाओं के साथ चिकित्सालय में मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार के निर्देश दिए।

महाविद्यालय के प्राचार्य वैद्य नित्यानंद शर्मा ने जिला कलक्टर को संस्थान की गतिविधियों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। इसके बाद कलक्टर ने रसशास्त्र एवं भैषज्य कल्पना, शरीर रचना, शरीर क्रिया और द्रव्यगुण विज्ञान विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने बीएएमएस और बीवाईएनएस की कक्षाओं, विभिन्न प्रयोगशालाओं तथा कैडवर लैब का जायजा लिया। विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी पढ़ाई, प्रायोगिक प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने पार्किंग निर्माण कार्य और हर्बल गार्डन का भी निरीक्षण किया। कलक्टर ने शैक्षणिक एवं प्रायोगिक संसाधनों को सुव्यवस्थित रखने तथा विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

संबद्ध जिला आयुर्वेद चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने भर्ती मरीजों से बातचीत कर उपचार और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने पंचकर्म, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और शल्य चिकित्सा यूनिट का निरीक्षण किया। इसके साथ ही निःशुल्क औषधि वितरण कक्ष की व्यवस्थाओं को देखा।

कलक्टर ने चिकित्सालय में संचालित मां योजना, आरजीएचएस और अचल प्रसूता यूनिट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सभी चिकित्सा यूनिटों को सुचारु रूप से संचालित रखने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर ने महाविद्यालय और चिकित्सालय में स्वच्छता, सुव्यवस्था और जनसेवा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए विद्यार्थियों और मरीजों की जरूरतों के अनुरूप सुविधाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त निदेशक आयुर्वेद विभाग कोटा संभाग वैद्य अंजना शर्मा, उप निदेशक आयुर्वेद विभाग कोटा डॉ. गौरव चतुर्वेदी, सहायक निदेशक डॉ. पवन सोनी, सह आचार्य डॉ. विनोद गौतम, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव सहित महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के चिकित्सक, शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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