कोटा, 2 अक्टूबर। समाज में बदलती सोच और परंपराओं के बीच कोटा में कन्या भ्रूण हत्या की शिकार अनजन्मी बेटियों के लिए बेटियों ने श्राद्ध-तर्पण किया। कर्मयोगी सेवा संस्थान के तत्वावधान में रोटेदा रोड स्थित गुरु धाम कॉलोनी में आयोजित 27वें वार्षिक श्राद्ध तर्पण कार्यक्रम के तहत सप्तमी तिथि पर बेटियों ने अनजन्मी और असमय काल-कवलित हुई बेटियों की आत्मिक शांति के लिए जल और तिल अर्पित किए।
संस्थान के संस्थापक राजाराम जैन कर्मयोगी ने बताया कि कार्यक्रम अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस दौरान अंजली शर्मा, युविका मोदी, योगना महलानिया, तनु शर्मा, ऋषिका शर्मा और उन्नति शर्मा सहित बेटियों ने विधि-विधान और श्रद्धा के साथ तर्पण किया तथा दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
संस्थान के अनुसार 27वें वार्षिक श्राद्ध तर्पण आयोजन में शुरुआत से ही महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही है। संस्थान की ओर से वर्ष में दो बार हरिद्वार के लिए आयोजित होने वाली अस्थि विसर्जन यात्राओं में भी महिलाएं भाग लेती हैं।
उत्तर कर्म में महिलाओं की भागीदारी पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं द्वारा श्राद्ध और तर्पण जैसे धार्मिक कर्म किए जाने के संदर्भ में धार्मिक मान्यताओं पर भी चर्चा हुई। आयोजकों ने बताया कि कुछ धार्मिक परंपराओं और ग्रंथों में विशेष परिस्थितियों में महिलाओं द्वारा अंतिम संस्कार, पिंडदान और तर्पण किए जाने के संदर्भ मिलते हैं।
आयोजकों ने वाल्मीकि रामायण में वर्णित सीता द्वारा राजा दशरथ के लिए पिंड अर्पित किए जाने के प्रसंग का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीति के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बेटियों के प्रति सम्मान तथा संवेदना का संदेश देना रहा।
इस अवसर पर राजाराम जैन कर्मयोगी, अनिल कुमार शर्मा, नीलम शर्मा, योगेश शर्मा, हेमंत सिंह, हरिराम मीणा और मदन लाल शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
