नागरिक अभिव्यक्ति | कोटा। शहर की भामाशाह मंडी में शुक्रवार सुबह मंडी प्रशासन की ओर से गेट पर ताला लगाए जाने से किसानों में आक्रोश फैल गया। सुबह करीब 11 बजे बड़ी संख्या में किसान मंडी के मुख्य द्वार पर एकत्र हो गए और नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। किसानों ने विरोध स्वरूप मंडी के दूसरे गेट को भी बंद कर दिया। इससे मंडी में प्रवेश को लेकर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
जानकारी के अनुसार, मंडी प्रशासन ने किसानों को अंदर प्रवेश करने से रोकने के लिए गेट पर ताला लगा दिया था। इसके चलते दूरदराज के क्षेत्रों से अपनी फसल बेचने के लिए भामाशाह मंडी पहुंचे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मंडी में प्रवेश नहीं मिलने से नाराज किसान मुख्य द्वार के सामने बैठ गए और गेट खोलने की मांग करने लगे।
मुख्य द्वार पर बैठकर की नारेबाजी
गेट बंद होने से नाराज सैकड़ों किसानों ने मंडी के बाहर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने मंडी प्रशासन के फैसले पर नाराजगी जताते हुए प्रवेश द्वार खोलने की मांग की। विरोध के दौरान किसानों ने दूसरे गेट को भी बंद कर दिया, जिससे मंडी में आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन गई।
किसानों का कहना था कि वे अपनी फसल बेचने के लिए दूरदराज से मंडी पहुंचे हैं, लेकिन गेट बंद होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में मंडी प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करते हुए किसानों की समस्या का समाधान करना चाहिए।
पहले भी हो चुका है आंदोलन
भामाशाह मंडी में किसानों का विरोध कोई नया मामला नहीं है। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले भी किसानों ने यहां आंदोलन किया था। शुक्रवार को एक बार फिर गेट बंद होने के बाद किसानों का आक्रोश सामने आया।
फिलहाल किसानों के विरोध के बीच मंडी प्रशासन की ओर से गेट खोलने और समस्या के समाधान को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी। किसानों की मांग है कि उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए मंडी में प्रवेश की सुविधा दी जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
