कोटा। आर.के. पुरम थाना पुलिस ने कैब चालक पर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध किया गया है। पुलिस के अनुसार वारदात पुरानी रंजिश के चलते 20 हजार रुपए की सुपारी देकर कराई गई थी। मामले के मुख्य साजिशकर्ता की तलाश जारी है।
पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपू उर्फ दिगंबर सिंह (19) और नरेंद्र मीणा (28) के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि कैब चालक विजेंद्र (40) को निशाना बनाने की साजिश पुरानी रंजिश के चलते रची गई थी।
पत्नी को ले जाने की रंजिश में रची साजिश
पुलिस जांच के मुताबिक करीब छह महीने पहले विजेंद्र मुख्य आरोपी बताए जा रहे सुरेश मीणा की पत्नी को कहीं ले गया था। इसी बात को लेकर सुरेश मीणा और नरेंद्र मीणा के मन में रंजिश थी। पुलिस का कहना है कि इसी रंजिश के चलते विजेंद्र पर हमला करवाने की योजना बनाई गई और इसके लिए दीपू तथा उसके नाबालिग साथी को कथित तौर पर 20 हजार रुपए में हमला करने की सुपारी दी गई।
रावतभाटा जाने के बहाने बुक की कैब
पुलिस के अनुसार योजना के तहत 1 सितंबर की शाम आरोपियों ने रावतभाटा जाने के बहाने विजेंद्र की कैब बुक की। यात्रा के दौरान जब कैब बोराबास के पास पहुंची तो आरोपियों ने कथित तौर पर चालक के गले में रस्सी डाल दी और उस पर चाकू से कई वार किए।
पुलिस के अनुसार हमले में विजेंद्र के गले और शरीर पर करीब 8-10 चाकू के वार किए गए। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
तकनीकी विश्लेषण से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
घटना के बाद आर.के. पुरम थाना पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने वारदात से जुड़े मोबाइल नंबरों और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसी आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दीपू उर्फ दिगंबर सिंह तथा नरेंद्र मीणा को गिरफ्तार कर लिया। एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है।
पुलिस अब मामले के कथित मुख्य साजिशकर्ता सुरेश मीणा की तलाश कर रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में वारदात की पूरी साजिश, सुपारी की भूमिका और अन्य जुड़े लोगों के संबंध में जांच जारी है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
