कोटा। चंबल घड़ियाल सेंचुरी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने संबंधित विभागों को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत खान, वन, परिवहन और पुलिस विभाग की संयुक्त पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर निगरानी मजबूत करने के लिए होमगार्ड तैनात करने और वॉच टावर लगाने की योजना बनाई गई है।
प्रशासन की ओर से निमोदा और छिपड़दा नदी क्षेत्र में अवैध बजरी परिवहन के लिए बनाए गए रास्तों को बंद करने की कार्रवाई भी की गई है। इन रास्तों पर खाइयां खुदवाकर आवाजाही रोकी गई, ताकि अवैध खनन से निकाली गई बजरी के परिवहन पर रोक लगाई जा सके।
अवैध बजरी परिवहन के 10 मामले दर्ज, वाहन जब्त
अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 10 मामले दर्ज किए गए हैं। संबंधित वाहनों को भी जब्त किया गया है। प्रशासन अब खनन, परिवहन और वन क्षेत्र में निगरानी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दे रहा है, ताकि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ समय पर कार्रवाई की जा सके।
संवेदनशील स्थानों पर बढ़ेगी निगरानी
चंबल घड़ियाल सेंचुरी वन्यजीवों के संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां अवैध बजरी खनन और परिवहन पर नियंत्रण के लिए संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इसके तहत होमगार्ड की तैनाती और वॉच टावर स्थापित करने की योजना है।
संयुक्त पेट्रोलिंग के जरिए अवैध खनन वाले संभावित क्षेत्रों, नदी मार्गों और बजरी परिवहन के रास्तों पर नजर रखी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य चंबल क्षेत्र में अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के साथ वन्यजीव संरक्षण सुनिश्चित करना है।
