नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध बजरी खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने संबंधित विभागों को संयुक्त पेट्रोलिंग बढ़ाने और प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की पालना में अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा की गई।
जिला कलक्टर ने लाडपुरा और दीगोद उपखंड क्षेत्रों में संयुक्त पेट्रोलिंग तथा अवैध खनन के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खान, वन, परिवहन और पुलिस विभाग आपसी समन्वय से कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई करें। वन विभाग को फील्ड पेट्रोलिंग बढ़ाने और परिवहन विभाग को अवैध बजरी ले जाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रामकल्याण मीणा ने बताया कि अवैध बजरी परिवहन के 10 मामले दर्ज किए गए हैं और ट्रैक्टर सहित अन्य वाहन जब्त किए गए हैं। डीएफओ मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व मुथु एस. ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर निगरानी के लिए चौकियों पर बॉर्डर होमगार्ड लगाए गए हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वॉच टावर भी स्थापित किए गए हैं।
इधर, उपखंड अधिकारी दीगोद दीपक महावर के निर्देशन में गठित दल ने निमोदा और छिपड़दा सहित चंबल नदी से लगे क्षेत्रों में औचक निरीक्षण और पैदल पेट्रोलिंग की। अवैध खनन एवं बजरी परिवहन में इस्तेमाल किए जा सकने वाले संभावित रास्तों पर खाइयां खुदवाकर उन्हें बंद कराया गया। कार्रवाई में डीएसपी ग्रामीण अरुण शर्मा, चंबल घड़ियाल रेंजर दुर्गेश, दीगोद थानाधिकारी कृष्णावतार शर्मा तथा खान एवं परिवहन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन राजेश जोशी, मुख्य अभियंता माइनिंग रामनिवास मंगल और जिला परिवहन अधिकारी सुरेन्द्र राजपुरोहित सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
