कोटा। जादू कला के संरक्षण, कलाकारों के कल्याण और नई पीढ़ी को इस कला से जोड़ने के मुद्दों पर चम्बल मैजिक क्लब की संभाग स्तरीय वार्षिक बैठक में चर्चा हुई। रविवार को छावनी स्थित श्री महालक्ष्मी अपार्टमेंट में आयोजित बैठक में कोटा संभाग सहित आसपास के जिलों के वरिष्ठ और युवा जादूगर शामिल हुए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए क्लब के संभागीय अध्यक्ष डॉ. धांसु अन्नु सिंह धाकड़ ने कहा कि जादू केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन कला और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए कलाकारों को उचित मंच उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने जनवरी 2027 में चित्तौड़गढ़ में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय जादू सम्मेलन ‘मायालोक-2027’ में संभाग के जादूगरों से अधिकाधिक भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन प्रतिभा प्रदर्शन के साथ देश-विदेश के कलाकारों से संवाद और अनुभव साझा करने का अवसर देते हैं।
राजस्थान मैजिक एसोसिएशन के वरिष्ठ जादूगर अशोक शर्मा ने जादू कला का प्रदर्शन किया। उन्होंने कलाकारों से एकजुट होकर कला के संरक्षण और जादूगरों के कल्याण के लिए काम करने की बात कही। दूसरे सत्र में सूर्यप्रकाश जादूपाल ने प्रस्तुति दी। उन्होंने पारंपरिक जादू कला को सहेजने के लिए प्रशिक्षण और नियमित कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
बैठक में तालेड़ा से अनंत पुरोहित, बारां से सूर्यप्रकाश जादूपाल, झालावाड़ से शिवशंकर तथा कोटा से इन्द्रराज दाधीच, मो. नूर और रोहित सक्सेना सहित अनेक कलाकारों ने अनुभव साझा किए और सुझाव दिए। अंत में अशोक शर्मा ने आभार जताया।
