कोटा। शिक्षा नगरी कोटा की पहचान अब खेलों के क्षेत्र में भी मजबूत हो रही है। राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 के तहत श्रीराम रंगमंच पर आयोजित तीन दिवसीय चंबल राजस्थान केसरी कुश्ती दंगल का बुधवार को समापन हुआ। पुरस्कार वितरण समारोह में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कुश्ती को युवाओं की ऊर्जा, अनुशासन और साहस का प्रतीक बताते हुए कहा कि कोटा अब खेल संस्कृति के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। वहीं, राजस्थान कुश्ती संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजीव दत्ता ने 2036 के ओलंपिक में राजस्थान के पहलवानों के पदक जीतने का लक्ष्य सामने रखा।
समारोह में उपमुख्यमंत्री बैरवा ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन और प्रयासों से हाड़ौती क्षेत्र खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रहा है। कुश्ती भारत का प्राचीन खेल है, जो मिट्टी से जुड़ाव के साथ अनुशासन, साहस और धैर्य की परीक्षा भी लेता है। दंगल में बेटियों की बढ़ती भागीदारी गर्व का विषय है। बेटियां खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा और दमखम से नई पहचान बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खेलो इंडिया विजन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रयास कर रही है। खेल सुविधाओं का बुनियादी ढांचा मजबूत किया जा रहा है, ताकि संसाधनों की कमी किसी प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बने। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा का उपयोग देश और प्रदेश के निर्माण में करने का आह्वान किया।
प्रदेश के प्रत्येक जिले में बनेंगे आधुनिक अखाड़े
राजस्थान कुश्ती संघ के अध्यक्ष राजीव दत्ता ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधुनिक अखाड़े तैयार करने की योजना है। इससे पहलवानों को बेहतर प्रशिक्षण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि कुश्ती में बेहतर प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों की डाइट और न्यूट्रिशन भी अहम हैं। प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार को देखते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि 2036 के ओलंपिक में राजस्थान के पहलवान पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेंगे।
स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश की खेल संस्कृति में बड़ा बदलाव आया है और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि ओम बिरला के खेलों के प्रति दृष्टिकोण और राजीव दत्ता के प्रयासों से राजस्थान में कुश्ती को प्रोत्साहन मिल रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे आने के अवसर मिल रहे हैं।
महापौर अनसूया गोस्वामी ने कहा कि नगर निगम दंगल को हर वर्ष और भव्य बनाने का प्रयास करेगा, ताकि कोटा को खेल नगरी के रूप में विशिष्ट पहचान मिले। समारोह में अतिथियों ने विजेता और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पहलवानों को प्रतीक चिह्न एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस दौरान मेला अधिकारी एवं निगम आयुक्त ओपी मेहरा, बद्री गोचर, विशाल शर्मा, पंडित गोविंद शर्मा, महावीर सिंह सिसोदिया और कोषाध्यक्ष तेजेंद्र सिंह बराड़ सहित जनप्रतिनिधि एवं खेलप्रेमी मौजूद रहे।
