नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
कोटा। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन ने कहा कि अन्य जिलों की तुलना में कोटा में साइबर अपराध के मामले कम हैं। पुलिस की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों का असर भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कोटा पुलिस की कार्यप्रणाली और अपराध नियंत्रण के प्रयासों की सराहना की। मुख्य सचिव ने शुक्रवार को अभय कमांड सेंटर और साइबर थाने का निरीक्षण किया।
मीडिया से बातचीत में श्रीनिवासन ने कहा कि राज्य सरकार साइबर अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से भी इस संबंध में विशेष निर्देश दिए गए हैं।
साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बैंक, राजस्थान पुलिस और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। विभागों के बीच तालमेल मजबूत करने के लिए जयपुर में विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने के लिए न्याय विभाग से भी समन्वय किया जा रहा है। सरकार की ओर से नियुक्त अधिवक्ता साइबर अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय दिलाने की प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
मुख्य सचिव ने एसपी तेजस्विनी गौतम के निर्देशन में कोटा पुलिस की ओर से किए जा रहे अपराध नियंत्रण के प्रयासों की भी सराहना की।
अभय कमांड सेंटर की माइक्रो मॉनिटरिंग की तारीफ
मुख्य सचिव ने अभय कमांड सेंटर में शहर की निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने उन्हें लाइव कैमरों के जरिए होने वाली निगरानी और घटनाओं पर पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कमांड सेंटर की माइक्रो मॉनिटरिंग व्यवस्था की सराहना करते हुए इसकी कार्यप्रणाली पर संतोष जताया। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने का निरीक्षण कर साइबर अपराधों की रोकथाम, शिकायतों पर कार्रवाई और जांच प्रक्रिया की जानकारी ली।
