नागरिक अभिव्यक्ति | कोटा दीपावली तक कोटा की सफाई व्यवस्था में स्पष्ट सुधार दिखना चाहिए। महापौर अनुसुईया गोस्वामी और उपमहापौर विवेक राजवंशी ने सोमवार को नगर निगम में समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों और सफाई निरीक्षकों को यह निर्देश दिए। उन्होंने शहर को सूरत और इंदौर की तर्ज पर स्वच्छ बनाने के लिए समन्वित प्रयास करने को कहा।
महापौर ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश हैं कि कोटा स्वच्छता के मामले में उदाहरण बने। उन्होंने सफाई निरीक्षकों से अपने-अपने क्षेत्र के पार्षदों से तत्काल संपर्क कर सफाई कार्यों में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। महापौर ने कहा कि पार्षद, अधिकारी, कर्मचारी और आमजन मिलकर काम करेंगे, तभी व्यवस्था बेहतर होगी।
हर वार्ड में पहुंचे कचरा संग्रहण वाहन
उपमहापौर विवेक राजवंशी ने हर वार्ड में पर्याप्त सफाई कर्मचारी तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वार्डों में चलने वाले टिप्परों पर संबंधित वार्ड का नंबर साफ लिखा हो, ताकि उनकी पहचान और निगरानी की जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य निरीक्षकों, जमादारों और स्वास्थ्य अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि घर-घर कचरा संग्रहण वाहन नियमित रूप से हर घर तक पहुंचे।
जागरूकता के लिए होंगे आयोजन
बैठक में नुक्कड़ नाटक, जनजागरूकता कार्यक्रम और सोशल मीडिया के जरिए स्वच्छता संदेश पहुंचाने के निर्देश दिए गए। महापौर और उपमहापौर ने लोगों को कचरा इधर-उधर नहीं डालने, गीला और सूखा कचरा अलग रखने तथा घर-घर कचरा संग्रहण में सहयोग करने के लिए प्रेरित करने को कहा। रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था की निगरानी मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।
नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने कहा कि आगामी स्वच्छता रैंकिंग में कोटा की स्थिति बेहतर करने के लिए सफाई कार्यों की नियमित निगरानी होगी और कमियां मिलने पर सुधार किया जाएगा।
बैठक में उपायुक्त सृष्टि डबास, उपायुक्त भावना सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी मोतीलाल चौधरी, ऋचा गौतम और सभी सेक्टरों के सफाई निरीक्षक मौजूद रहे।
