नागरिक अभिव्यक्ति | कोटा। कोचिंग सिटी कोटा में विद्यार्थियों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने कोचिंग संस्थानों, हॉस्टल और पीजी संचालकों को राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों की गंभीरता से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक और तनावमुक्त वातावरण तैयार किया जाए, ताकि वे बिना दबाव के पढ़ाई कर सकें। उन्होंने कोचिंग संस्थानों में नियमित काउंसलिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने और पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों की रुचियों से जुड़ी गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
कलक्टर ने हॉस्टल और पीजी संचालकों को विद्यार्थियों से नियमित संवाद बनाए रखने तथा उनकी मनोदशा और व्यवहार में होने वाले बदलावों पर ध्यान देने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों को मानसिक सहयोग की जरूरत होने पर विशेष काउंसलिंग और मोटिवेशनल सेशन आयोजित करने को भी कहा गया।
जिला कलक्टर ने सभी संबंधित संस्थानों को विद्यार्थियों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने तथा उसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
प्रशासन का जोर विद्यार्थियों को सुरक्षित, सहयोगात्मक और सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराने पर है, जिससे वे पढ़ाई के दौरान तनाव का बेहतर तरीके से सामना कर सकें और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए समय पर मदद प्राप्त कर सकें।
