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महापौर चुनाव से पहले पार्षद की क्लीनिक सीज, कांग्रेस ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

अंजली हेल्थ केयर पर क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत नोटिस चस्पा; बिना वैध डिग्री और पंजीकरण के संचालन की शिकायत पर जांच

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महापौर चुनाव से पहले पार्षद की क्लीनिक सीज, कांग्रेस ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
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कोटा। नगर निगम महापौर चुनाव से पहले चिकित्सा विभाग की टीम ने वार्ड 42 के कांग्रेस पार्षद सियाराम वर्मा की बालिता रोड स्थित क्लीनिक अंजली हेल्थ केयर को सीज कर दिया। टीम ने क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत नोटिस भी चस्पा किया। पार्षद के खिलाफ कुन्हाड़ी थाने में एफआईआर दर्ज होने की भी जानकारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, ललित कुमार ने सीएमएचओ कार्यालय में शिकायत दी थी कि क्लीनिक बिना वैध डिग्री और पंजीकरण के संचालित की जा रही है। सीएमएचओ के निर्देश पर चिकित्सा विभाग की टीम ने कार्रवाई की। विभाग की ओर से क्लीनिक में बायोमेडिकल वेस्ट के उचित निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने की बात भी कही गई है। इससे संक्रमण का खतरा होने की आशंका जताई गई।

पार्षद सियाराम वर्मा ने कहा कि वह करीब 20 साल से क्लीनिक चला रहे हैं। उनके अनुसार, उन्होंने नर्सिंग की पढ़ाई की है और डॉक्टरों की पर्ची के आधार पर इंजेक्शन व ड्रिप लगाने का काम करते हैं। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम चुनाव के परिणाम आने के बाद से क्लीनिक नहीं खोली है।

वर्मा ने कार्रवाई को राजनीतिक दबाव से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि उन्हें भाजपा के समर्थन में वोट देने के लिए दबाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि क्लीनिक लंबे समय से चल रही थी, लेकिन पहले चिकित्सा विभाग ने ऐसी कार्रवाई नहीं की। कांग्रेस ने भी कार्रवाई को पदों के दुरुपयोग और मनमानी बताया है। पार्टी ने इसकी तुलना शिवपुरा में निर्दलीय पार्षद कौशल किशोर के स्कूल पर हुई कार्रवाई से की।

चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। क्लीनिक के संचालन, पंजीकरण और बायोमेडिकल वेस्ट से जुड़े आरोपों की जांच जारी है।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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