कोटा। नगर निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित पार्षदों और उनके परिजनों पर पुलिस-प्रशासन के जरिए दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए जिला कांग्रेस ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और राजनीतिक दबाव में की जा रही कथित कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि भाजपा नेताओं के इशारे पर सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर निर्वाचित पार्षदों और उनके परिवारों पर दबाव बनाने का प्रयास हो रहा है। कांग्रेस ने चुनाव के बाद इस संबंध में शिकायतें और सूचनाएं मिलने की बात कही।
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों या उनके परिजनों पर राजनीतिक दबाव बनाने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल गंभीर विषय है। पुलिस और प्रशासन को निष्पक्ष रहकर कानून के अनुसार काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव को स्वीकार नहीं करेगी।
देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष भानूप्रताप सिंह ने कहा कि चुनाव परिणाम के बाद निर्वाचित पार्षदों को स्वतंत्र रूप से काम करने का वातावरण मिलना चाहिए। किसी भी कार्रवाई की निष्पक्षता और कानूनी आधार स्पष्ट होना जरूरी है।
कांग्रेस कार्यालय प्रभारी एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. विजय सोनी ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में हेमराज गौतम, मनीष शर्मा, श्याम गौतम, अनुराग गौतम, जोंटी वीरवाल, साजिद लाला, मनीष भारद्वाज, भरत जैन मामा, शोनू इनायत सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।
इन आरोपों पर भाजपा और पुलिस-प्रशासन का पक्ष विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं कराया गया है।
