कोटा। राजस्थान कांग्रेस की प्रभारी पूनम पासवान सोमवार को कोटा दौरे पर पहुंचीं। उन्होंने सर्किट हाउस में कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की और नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी की हार, टिकट वितरण को लेकर उठे विवाद और चुनाव के दौरान हुए घटनाक्रम पर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने भाजपा पर प्रशासन और पुलिस तंत्र के दुरुपयोग तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों पर दबाव बनाने के आरोप लगाए।
भाजपा ने प्रशासन को बना दिया शासक- पूनम
नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर पूछे गए सवाल पर पूनम पासवान ने कहा कि इसे कांग्रेस की करारी हार नहीं माना जा सकता। उनका आरोप था कि भाजपा के लिए प्रशासन ही शासक बन गया था। कांग्रेस के नगर निकाय सदस्यों और पार्टी नेताओं के पीछे प्रशासनिक एवं पुलिस व्यवस्था लगा दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि कई नेताओं और पार्षदों की घेराबंदी कर उन्हें भाजपा में शामिल होने के लिए दबाव में लिया गया तथा ऐसा नहीं करने पर तबादले की धमकियां दी गईं।
पाली-अजमेर में कांग्रेस बोर्ड बनने का किया दावा
पूनम पासवान ने आरोप लगाया कि पाली और अजमेर में कांग्रेस की जीत तय होने के बावजूद पार्टी के लोगों को डरा-धमकाकर भाजपा के पक्ष में किया गया। उन्होंने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों में भाजपा ने अपने बोर्ड बना लिए। उन्होंने कांग्रेस पर खरीद-फरोख्त के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राजस्थान में जहां भी सौदेबाजी हुई, उसमें भाजपा की भूमिका रही।
विधायकों, सांसदों और नगर निकाय सदस्यों की कथित खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को सौदेबाजी आती है, देश चलाना नहीं। कोटा सहित अन्य स्थानों पर क्रॉस वोटिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी मामलों की जांच चल रही है और पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
टिकट कटने के सवाल पर जांच की बात
कुछ नेताओं के टिकट काटे जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि इस विषय पर भी पार्टी स्तर पर चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव से जुड़े सभी घटनाक्रम की समीक्षा की जा रही है।
'फाइल फेंकने' की खबर को बताया झूठा
कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र के टिकट वितरण से पहले जयपुर में कथित तौर पर फाइल फेंके जाने के घटनाक्रम को लेकर पूछे गए सवाल पर पूनम पासवान ने इसे पूरी तरह गलत और झूठा बताया। उन्होंने कहा कि यदि उनके साथ ऐसा कोई घटनाक्रम हुआ होता तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाती।
उन्होंने इस खबर को साजिश बताते हुए कहा कि बैठक शांतिपूर्ण तरीके से हुई थी। टिकट वितरण को लेकर असंतोष फैलाने वालों को उन्होंने पार्टी का गद्दार बताया। साथ ही कहा कि कांग्रेस में किसी तरह की गुटबाजी नहीं है और पार्टी एकजुट होकर अनुशासन के साथ काम कर रही है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी उठाए सवाल
पूनम पासवान ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या चुनाव आयोग वास्तव में निष्पक्ष तरीके से काम कर रहा है या भाजपा की तरह कार्य कर रहा है। उनका कहना था कि आचार संहिता के दौरान निर्वाचित प्रतिनिधियों को सुरक्षा उपलब्ध कराना और चुनाव को बिना दबाव के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान में कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों को जबरन उठाया जा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के कई नेता भाजपा में शामिल हुए हैं। केंद्र की राजनीति का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में सांसद कांग्रेस से भाजपा में गए हैं, इसके बावजूद भाजपा सत्ता में है।
इस दौरान कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष राखी गौतम, देहात अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
