नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
कोटा। दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को आयोजित कांग्रेस की ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली में कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र से सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। पूर्व मंत्री एवं कोटा उत्तर विधायक शांति धारीवाल और प्रदेश कांग्रेस महासचिव अमित धारीवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ता बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से दिल्ली पहुंचे। रैली में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, मताधिकार की सुरक्षा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग प्रमुख मुद्दे रहे।
कोटा से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने ‘मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी’ और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। पार्टी ने इसी मुद्दे को लेकर देशव्यापी अभियान के तहत दिल्ली में यह महारैली आयोजित की थी।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव अमित धारीवाल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए। लोकतंत्र में मताधिकार के कथित दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव और प्रत्येक नागरिक के वोट की सुरक्षा लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है। कांग्रेस कार्यकर्ता इस अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
रैली में कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र के मंडल और वार्ड अध्यक्षों, जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, पार्षदों तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
