नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) ने लंबे समय से अटकी बकाया राशि की वसूली के लिए शुरू की गई डिजिटल पहल के जरिए पहले ही चरण में 50 लाख रुपए जुटाए हैं। प्राधिकरण की DART (डिफॉल्ट एवं रिकवरी ट्रैकर) प्रणाली के माध्यम से बकायादारों को नोटिस जारी करने और भुगतान की निगरानी की प्रक्रिया व्यवस्थित की गई है। सितंबर 2026 के अंतिम सप्ताह में नोटिस जारी होने के बाद कुछ ही दिनों में यह राशि जमा हुई। हालांकि, कोटा परिवहन यातायात सलाहकार योजना में कुल बकाया 4.16 करोड़ रुपए के मुकाबले अब तक जमा राशि और शेष देनदारी का पूरा हिसाब भी महत्वपूर्ण है।
वर्ष 2025 में इस योजना के तहत 130 दुकानों का आवंटन किया गया था। प्रत्येक दुकान की कीमत 3.20 लाख रुपए तय की गई। आवंटियों को शुरुआत में 50 हजार रुपए जमा कराने थे, जबकि शेष राशि 45 हजार रुपए की छह समान किस्तों में चुकानी थी। निर्धारित किस्तों का भुगतान नहीं होने से बकाया बढ़ता गया। इस पर नियमानुसार 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज और पेनल्टी भी जुड़ती रही।
प्राधिकरण के अनुसार, फरवरी 2025 से योजना के आवंटियों पर कुल 4.16 करोड़ रुपए बकाया थे। इसमें से 1.29 करोड़ रुपए जमा हुए थे। सितंबर 2026 के अंतिम सप्ताह में DART के जरिए नोटिस जारी किए जाने के बाद कुछ ही दिनों में 50 लाख रुपए और प्राप्त हुए। इस वसूली से डिजिटल नोटिस और नियमित फॉलो-अप की उपयोगिता सामने आई है। हालांकि, कुल बकाया में से अब तक की वसूली और शेष राशि की अद्यतन स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है, ताकि योजना की वास्तविक वित्तीय स्थिति सामने आ सके।
सात योजनाओं में बढ़ेगा दायरा
केडीए अब इस प्रणाली के जरिए सात योजनाओं में बकाया वसूली की प्रक्रिया को व्यवस्थित कर रहा है। इनमें उम्मेदपुरा अफोर्डेबल हाउसिंग योजना (G+3), न्यू मोटर मार्केट कमर्शियल योजना (मल्टीमेटल के सामने), भदाना ब्लॉक-A आवासीय पुनर्वास योजना, भदाना ब्लॉक-B आवासीय पुनर्वास योजना, रंग तालाब उर्फ काला तालाब योजना (रेलवे मालगोदाम मजदूर यूनियन), कोटा परिवहन यातायात सलाहकार योजना और देवनारायण पशुपालक योजना शामिल हैं।
DART के जरिए विभिन्न योजनाओं में बकाया राशि का रिकॉर्ड रखने, आवंटियों को समय पर नोटिस देने और वसूली की प्रगति पर निगरानी रखने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे प्राधिकरण को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किस योजना
