नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
निजी क्षेत्र को डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने के लिए कोटा सहित प्रदेशभर में 30 अक्टूबर तक 15 दिवसीय विशेष सघन अभियान चलाया जा रहा है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत कोटा के स्वास्थ्य भवन में शिविर आयोजित कर निजी क्षेत्र के चिकित्सकों, नर्सिंग कार्मिकों, फार्मासिस्टों और अन्य पात्र स्वास्थ्यकर्मियों की एचपीआईडी बनाई जा रही है। इसके साथ ही निजी स्वास्थ्य संस्थानों का एचएफआर पंजीकरण भी किया जाएगा।
अभियान के तहत निजी स्वास्थ्य केंद्रों में एबीडीएम के अनुरूप एचएमआईएस, एलएमआईएस और फार्मेसी सॉल्यूशन लागू करने में सहायता दी जाएगी। इसका उद्देश्य मरीजों और लाभार्थियों की आभा आईडी बनाकर उनके संबंधित स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ना है, ताकि स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराया जा सके।
राज्य स्तर से मिले निर्देशों के अनुसार मां योजना और आरजीएचएस में सूचीबद्ध निजी अस्पतालों, प्रयोगशालाओं एवं फार्मेसियों के साथ पीसीपीएनडीटी के तहत पंजीकृत सोनोग्राफी केंद्रों तथा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग से लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
शिविर में आने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, संबंधित काउंसिल का पंजीकरण प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज, वर्तमान कार्यस्थल का प्रमाण और अन्य जरूरी अभिलेख डिजिटल रूप में साथ लाने होंगे। मोबाइल नंबर का सत्यापन अनिवार्य है, जबकि ई-मेल आईडी का सत्यापन वैकल्पिक रखा गया है।
