कोटा। रेल यात्रियों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में रेलवे स्टेशनों पर पेयजल व्यवस्था की व्यापक जांच, सफाई और निगरानी की गई। अभियान के तहत मंडल के 82 रेलवे स्टेशनों को कवर किया गया। इस दौरान पानी की टंकियों, नलों, वाटर बूथों और पाइपलाइन व्यवस्था की जांच पर विशेष ध्यान दिया गया।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि अभियान के दौरान 246 नलों एवं वाटर बूथों की सफाई कराई गई, जबकि 389 पानी की टंकियों को साफ किया गया। पेयजल की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने और व्यवस्था को बेहतर करने के लिए 41 स्थानों पर पाइपलाइन की मरम्मत अथवा आवश्यक बदलाव भी किए गए।
पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न रेलवे स्टेशनों से 75 पानी के नमूने लिए गए। इन नमूनों की निर्धारित मानकों के अनुरूप जांच की गई, जिसमें सभी 75 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे पाए गए। इससे स्टेशन परिसरों में उपलब्ध पेयजल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी और रखरखाव व्यवस्था का पता चलता है।
अभियान के दौरान सफाई, रखरखाव और गुणवत्ता निगरानी के लिए विभिन्न स्तरों पर 90 मानवबल एवं विशेष ड्राइव लगाए गए। रेल प्रशासन की ओर से स्टेशनों पर पेयजल व्यवस्था की नियमित निगरानी के साथ पानी की टंकियों और वाटर बूथों की सफाई तथा आवश्यक रखरखाव का कार्य लगातार जारी रखा जा रहा है।
रेल प्रशासन का उद्देश्य यात्रियों को स्टेशन परिसरों में स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके लिए पेयजल स्रोतों की नियमित जांच और रखरखाव पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
