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दशहरा मेले के मंच पर कविताओं की गूंज, वीर रस से हास्य-व्यंग्य तक जमे रंग

विजयश्री रंगमंच पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में हरिओम पंवार, सत्यनारायण सत्तन, अंजुम रहबर सहित देश के नामचीन रचनाकारों ने बांधा समां

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दशहरा मेले के मंच पर कविताओं की गूंज, वीर रस से हास्य-व्यंग्य तक जमे रंग
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नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा

कोटा। राष्ट्रीय दशहरा मेला 2026 में मंगलवार की रात विजयश्री रंगमंच पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन सजा। देश के ख्यातनाम रचनाकारों ने वीर रस, हास्य-व्यंग्य, गीत और शायरी के जरिए श्रोताओं को साहित्य के अलग-अलग रंगों से रूबरू कराया। कवियों की प्रस्तुतियों पर कभी तालियां गूंजती रहीं तो कभी हास्य-व्यंग्य ने श्रोताओं को ठहाके लगाने पर मजबूर किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ नगर विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग के मंत्री झाबर सिंह खर्रा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा और लाडपुरा विधायक कल्पना देवी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर हरफूल सिंह यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंकित जैन, एसटी मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अशोक मीणा तथा लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजेश डागा भी मौजूद रहे। महापौर अनुसूइया गोस्वामी ने अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद प्रख्यात गीतकार डॉ. विष्णु सक्सेना ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की।

कवियों ने बांधा समां

कवि सम्मेलन में ओज और वीर रस के कवि हरिओम पंवार, हास्य-व्यंग्य के रचनाकार सत्यनारायण सत्तन, जगदीश सोलंकी, शशिकांत यादव, चेतन चर्चित, विनीत चौहान और सुंदर कटारिया ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को प्रभावित किया। प्रसिद्ध शायरा अंजुम रहबर और ओजस्वी कवयित्री कविता तिवारी की प्रस्तुतियों ने भी काव्य संध्या में विविध रंग भरे।

मंच पर कहीं राष्ट्रभाव और ओज की अभिव्यक्ति सुनाई दी तो कहीं हास्य-व्यंग्य ने माहौल को जीवंत बनाया। गीतों और शायरी ने भी श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी। देर रात तक चले काव्यपाठ के दौरान विजयश्री रंगमंच पर साहित्य प्रेमियों की मौजूदगी बनी रही। राष्ट्रीय दशहरा मेले की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच इस कवि सम्मेलन ने साहित्य और काव्य परंपरा को समर्पित एक शाम का रूप लिया।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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