नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
कोटा। राष्ट्रीय दशहरा मेला सिर्फ बड़े कलाकारों का मंच नहीं, शहर की उभरती प्रतिभाओं को पहचान दिलाने का अवसर भी बन रहा है। शुक्रवार को विजयश्री रंगमंच पर आयोजित बाल प्रतिभा कार्यक्रम में 4 से 15 वर्ष तक के बच्चों ने नृत्य, गायन और साहसिक करतबों से अपनी प्रतिभा दिखाई। किसी ने गणेश वंदना से माहौल भक्तिमय किया तो किसी ने सामाजिक संदेश देती प्रस्तुति से दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया। नन्हे कलाकारों के आत्मविश्वास और ऊर्जा ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम की शुरुआत गणपति बप्पा मोरया सामूहिक नृत्य और गणेश वंदना से हुई। श्रीजिता, मान्या कसेरा, आराध्या मंडल और दुविश्का कालरा ने अपनी प्रस्तुतियों से मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज किया। एक नन्हे बालक ने हाड़ौती अंदाज में 'तारे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डाल दई...' सुनाकर लोक संस्कृति की झलक दिखाई।
कार्यक्रम में युवराज ने किन्नर एक्ट के माध्यम से 'ऐ खुदा' गीत पर भावपूर्ण प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने सामाजिक संवेदनशीलता और समानता का संदेश दिया। वहीं नेहा पांचाल और उनके समूह ने 'राधा ना कैसे जले' गीत पर नृत्य कर दर्शकों की तालियां बटोरीं। 'रक्तचरित्र' गीत पर नंदिता गोयल, परिधि राणा, निमृत टंडन, युवराज कुमार और इमरान खान ने जोशीला डांस प्रस्तुत किया।
करतबों ने बढ़ाई रोमांच की धड़कन
कार्यक्रम में नृत्य और गायन के साथ साहसिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। दुर्गा शक्ति व्यायामशाला के बच्चों ने 'मन भवानी' गीत की धुन पर जोखिम भरे करतब दिखाए। अनुशासन और शारीरिक कौशल के साथ पेश किए गए इन करतबों ने दर्शकों को हैरत में डाल दिया।
पांच साल के निमित्य ने भी बटोरी तालियां
कार्यक्रम का खास आकर्षण पांच वर्षीय निमित्य जैन रहे। उन्होंने 'डांस दर्द दे डिस्को' गीत पर पूरे उत्साह और बेबाक अंदाज में नृत्य किया। इतनी कम उम्र में उनके आत्मविश्वास और ऊर्जा ने दर्शकों का ध्यान खींचा और खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम के अंत में महापौर अनुसुईया गोस्वामी, मेला अधिकारी ओपी मेहरा तथा उपायुक्त एवं सहायक मेला प्रभारी सत्यनारायण राठौर ने प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र वितरित किए। बाल प्रतिभा कार्यक्रम ने बच्चों को अपनी कला दिखाने के साथ बड़े मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति देने का अवसर दिया।
