कोटा, 1 नवंबर। 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले के तहत शनिवार शाम ऐतिहासिक विजयश्री रंगमंच पर भोजपुरी संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया। भोजपुरी गायक गोलू राजा और गायिका नेहा सिंह निष्ठा की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। भोजपुरी गीतों के जरिए कार्यक्रम में पूर्वांचल और बिहार की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम की शुरुआत महापौर अनुसूइया गोस्वामी द्वारा पूर्वांचल और मिथिलांचल समाज के अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। इस अवसर पर वैदेही चेतना समिति के अध्यक्ष गणपति मिश्र, पूर्वांचल समाज के संरक्षक एच.पी. शुक्ला, अध्यक्ष आर.पी. सिंह, कोषाध्यक्ष रजीत राम यादव, मिथिलांचल युवा परिषद के अध्यक्ष शेखर पाठक और सचिव शरद चंद्र झा, बिहार नव उत्थान समिति के अध्यक्ष राजीव मिश्रा, अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता अविनाश ठाकुर, नदीपार बिहार विकास समिति के अध्यक्ष अमलेश गुप्ता और कोषाध्यक्ष दिनेश सिंह, बिहार नवयुवक समिति स्टेशन के अध्यक्ष पारस राम मिश्रा, मिथिला नवयुवक समिति स्टेशन के संरक्षक ललित मिश्रा तथा रामगंजमंडी के ज्योतिषाचार्य सुजित झा सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
नेहा सिंह के गीतों पर झूमे युवा
गायिका नेहा सिंह निष्ठा ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत 'हां हम बिहारी हैं जी, थोड़े संस्कारी हैं जी, माटी को सोना कर लें... बड़ी कलाकारी है जी' पंक्तियों से की। इसके बाद उन्होंने 'जईसन सोचले रहनी अइसन पियवा मोरे बाड़े' और 'काहे देखेला ऐसे हंस के' जैसे पारंपरिक लोकगीत प्रस्तुत किए।
'लॉलीपॉप लागेलू' और 'हिलेला कोटा डिस्ट्रिक्ट' की पंक्तियों पर कोटा में पढ़ने वाले कोचिंग विद्यार्थियों और युवाओं में खास उत्साह नजर आया। उन्होंने 'काहे नथिया गढ़वलऽ उधार सईया जी', 'तोर प्यार में पागल बानी' और 'कॉलेज के डेट पा' जैसे गीतों से भी दर्शकों का मनोरंजन किया।
गोलू राजा ने भजनों से की शुरुआत
गायक गोलू राजा ने मंच पर भगवान श्रीराम के भजनों और लोकगीतों से शुरुआत की। 'चंवरिया डोले ना' और 'लंका नगरिया में शोर भइल बा...' जैसे गीतों के बाद उन्होंने अपने लोकप्रिय गाने 'राजा जी कोरवे में जवान होके दी', 'ओठलली से रोटी बोर के', 'नथुनिया पागल कैले बा', 'जिंदगी में जहर' और 'हथियार के' प्रस्तुत किए।
दोनों कलाकारों की प्रस्तुतियों के दौरान विजयश्री रंगमंच पर दर्शकों की भीड़ जुटी रही। भोजपुरी गीतों और लोकधुनों के साथ कार्यक्रम देर रात तक जारी रहा।
