कोटा। राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 के तहत श्रीराम रंगमंच पर आयोजित राज्य स्तरीय चंबल केसरी दंगल का भव्य समापन हुआ। दंगल में प्रदेशभर से आए पहलवानों ने कुश्ती के दांव-पेच दिखाते हुए खिताबों के लिए जोर आजमाइश की। पुरुष फ्री स्टाइल में अलवर के साहिल खान और महिला वर्ग में हनुमानगढ़ की मोनिका ने चंबल केसरी का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। आयोजन में पहलवानों को कुल 13 लाख रुपए की नकद पुरस्कार राशि के साथ 11 क्विंटल घी वितरित किया गया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा रहे। अध्यक्षता स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा और विधायक संदीप शर्मा ने की। इस अवसर पर कुश्ती संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजीव दत्ता, महापौर अनुसुइया गोस्वामी और मेला अधिकारी ओपी मेहरा सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। विजेताओं और उपविजेताओं को नकद पुरस्कार, गुर्ज और पारंपरिक दुपट्टा देकर सम्मानित किया गया।
फाइनल मुकाबले में अलवर के साहिल खान ने भरतपुर के दीपक को 3-1 से हराकर पुरुष फ्री स्टाइल चंबल केसरी का खिताब जीता। खुशपाल और राहुल जाट संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे। महिला हाड़ी रानी चंबल केसरी के मुकाबले में हनुमानगढ़ की मोनिका ने भीलवाड़ा की क्षीरजा गुर्जर को 3-0 से शिकस्त देकर खिताब हासिल किया। मनीषा माली और योगिता तोमर तीसरे स्थान पर रहीं।
अन्य मुकाबलों में चंबल कुमार फ्री स्टाइल का खिताब झुंझुनूं के अनुज गुर्जर ने जीता। राजसमंद के शिव ओम चौधरी दूसरे तथा भीलवाड़ा के रोहित प्रजापति और अजमेर के आर्यन शर्मा तीसरे स्थान पर रहे। चंबल बसंत टाइटल में भीलवाड़ा के रिकी बिश्नोई प्रथम, सीकर के राकेश कुमार मीणा द्वितीय तथा सोमवीर गुर्जर और विजय सिंह गुर्जर संयुक्त रूप से तृतीय रहे।
ग्रीको रोमन चंबल केसरी में सीकर के शानू प्रथम, जयपुर के भीष्म सिंह द्वितीय तथा झुंझुनूं के अमित चौधरी और ब्यावर के लक्षित सोनी तृतीय रहे। ग्रीको रोमन चंबल कुमार में बीकानेर के जगमाल सिंह विजेता बने। महिला हाड़ी रानी कुमारी वर्ग में भीलवाड़ा की कविता माली प्रथम और सविता माली द्वितीय रहीं। फ्री स्टाइल हाड़ी रानी किशोरी वर्ग में कोमल वर्मा ने पहला, कशिश गुर्जर ने दूसरा स्थान हासिल किया।
टीम चैंपियनशिप में पुरुष फ्री स्टाइल में भीलवाड़ा ने 50 अंक लेकर पहला स्थान प्राप्त किया। ग्रीको रोमन में जयपुर 40 अंकों के साथ अव्वल रहा, जबकि महिला वर्ग में भीलवाड़ा ने 65 अंक हासिल कर श्रेष्ठता साबित की। पहलवानों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को 5-5 किलो घी तथा प्रत्येक प्रतिभागी को एक किलो घी भी दिया गया।
