कोटा, 21 अक्टूबर। कोटा के 133वें राष्ट्रीय मेला दशहरा-2026 में गुरुवार से किसान रंगमंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। मेले के इस प्रमुख मंच पर राजस्थान सहित देश की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली लोक कला और नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी। इसके साथ ही बाल एवं युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के लिए जूनियर कलाकारों के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
महापौर अनुसुइया गोस्वामी ने बताया कि इस वर्ष मेले में लोक संस्कृति और उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। किसान रंगमंच पर होने वाले कार्यक्रमों के जरिए दर्शकों को विभिन्न सांस्कृतिक परंपराओं और नृत्य शैलियों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
लोक संस्कृति और नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी
किसान रंगमंच पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोक कला और पारंपरिक नृत्य प्रमुख आकर्षण रहेंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान के साथ देश की विविध लोक परंपराओं को भी मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा।
बाल एवं युवा कलाकारों को मिलेगा मंच
मेले में जूनियर कलाकारों की विशेष प्रस्तुतियां भी रखी गई हैं। इसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देना है। सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने पर भी जोर रहेगा।
दर्शकों के लिए व्यवस्थाएं
नगर निगम और मेला समिति की ओर से किसान रंगमंच पर कार्यक्रम देखने आने वाले दर्शकों के लिए बैठने, प्रकाश और सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत के साथ ही दशहरा मेले में मनोरंजन और लोक संस्कृति से जुड़े आयोजनों का सिलसिला आगे बढ़ेगा।
