कोटा, 1 नवंबर। 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले के दूसरे दिन शनिवार को विजयश्री रंगमंच पर आयोजित लेजर शो आकर्षण का केंद्र रहा। आधुनिक तकनीक, रंग-बिरंगी रोशनी और संगीत के संगम ने मेले में पहुंचे दर्शकों को बांधे रखा। शाम ढलते ही आसमान में लेजर किरणों से उभरी आकृतियों और संगीत की धुनों ने पूरे परिसर को रोशनी से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर अनुसूइया गोस्वामी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने अतिथियों अखिल सनाढ्य ब्राह्मण महासभा के प्रदेशाध्यक्ष अरविन्द कौशल, बूंदी के वरिष्ठ भाजपा नेता रुपेश शर्मा, सर्व ब्राह्मण समाज के संभागीय अध्यक्ष राजेन्द्र गौतम, सकल अग्रवाल समाज अन्नकूट महोत्सव के मुख्य संयोजक गोविन्द अग्रवाल, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के संभागीय अध्यक्ष मोहनलाल अग्रवाल, अग्रवाल समाज कोटा के वरिष्ठ समाजसेवी रामगोपाल अग्रवाल, बूंदी भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष महावीर खंगार, जितेन्द्र सिंह हाड़ा, पार्षद एवं पूर्व नगर उपाध्यक्ष सुनीता नायक तथा सामाजिक कार्यकर्ता विजयंत आमेरा का स्वागत किया।
शो की शुरुआत भगवान शिव के तांडव और शिव आराधना से हुई। लेजर तकनीक के जरिए 'शिव तांडव' और 'शिव चालीसा' की धुनों पर विभिन्न आकृतियां उकेरी गईं। इस दौरान विजयश्री रंगमंच परिसर में 'हर-हर महादेव' के जयकारे गूंजे।
इसके बाद कार्यक्रम में देशभक्ति और भारत के गौरवशाली इतिहास को रोशनी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। भारतीय सेना के शौर्य, देश के महान महापुरुषों के योगदान और अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की उपलब्धि मंगल मिशन की झलक दिखाई गई। 'आजाद रहें आबाद रहें, तारों को छू ले तिरंगा...' जैसी पंक्तियों के साथ आसमान में उभरे दृश्यों ने दर्शकों का ध्यान खींचा।
विशेष बीम साउंड और लाइट शो के दौरान 'चल छैयां छैयां', 'सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी' और 'जय हो' जैसे गीतों की धुनों पर लेजर किरणें थिरकती नजर आईं। रोशनी और संगीत के इस संयोजन को देखने के लिए बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह रहा। कई दर्शक इस नजारे को मोबाइल और कैमरों में कैद करते दिखाई दिए।
