कोटा। राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 के मंच पर बुधवार को फैशन के साथ राजस्थान की पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिला। विजयश्री रंगमंच पर कुटुर इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी की ओर से आयोजित 'परिधान शो' में कोटा डोरिया और खादी के परिधानों ने दर्शकों का मन मोह लिया। छह अलग-अलग राउंड में मॉडल्स ने पारंपरिक, राजवाड़ी, लहरिया और वेस्टर्न परिधानों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया। शो में नन्हे मॉडल्स की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत कोटा डोरिया की जरीदार साड़ियों के प्रदर्शन से हुई। कैथून के प्रसिद्ध बुनकर असगर अली (ताना-बाना) की तैयार की गई साड़ियों को पहनकर मॉडल्स ने रैंप वॉक किया। दूसरे राउंड में पारंपरिक और राजवाड़ी लहंगों का प्रदर्शन हुआ। मॉडल्स ने हाथों में तलवार लेकर राजसी अंदाज में प्रस्तुति दी। तीसरे राउंड में बच्चों ने पारंपरिक परिधानों में रैंप वॉक कर दर्शकों की तालियां बटोरीं।
चौथा राउंड राजस्थान की पहचान लहरिया थीम पर आधारित रहा। इसमें संस्थान के विद्यार्थियों ने अपने तैयार किए पारंपरिक और वेस्टर्न कलेक्शन प्रस्तुत किए। पांचवें राउंड में बच्चों के वेस्टर्न कलेक्शन ने मंच की रौनक बढ़ाई। छठे और अंतिम राउंड में देशभक्ति की झलक देखने को मिली। नन्ही बालिका अशमी राजवंशी ने तिरंगे के तीन रंगों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया तो पूरा प्रांगण तालियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम के दौरान 'पिया घर आया' और 'केसरियो बालम' जैसे पारंपरिक गीतों की धुनों ने राजस्थानी संस्कृति का रंग और गहरा कर दिया। परिधानों के प्रदर्शन के साथ मॉडल्स ने सामाजिक संदेश भी दिए। शो की तैयारियां संस्थान के विद्यार्थियों ने निदेशक पूजा राजवंशी के निर्देशन में कीं।
निदेशक पूजा राजवंशी ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य कोटा डोरिया और खादी जैसी स्थानीय धरोहरों को व्यापक पहचान दिलाना तथा नई पीढ़ी को इनसे जोड़ना है। कार्यक्रम का संचालन उद्घोषक अंशुल शर्मा ने किया।
समारोह में डॉ. मीनू बिरला, डॉ. अल्का माथुर, डॉ. गुरविन्दर कौर, डॉ. रेखा अरोड़ा, डॉ. सीमा शर्मा, डॉ. पूनम व्यास, डॉ. सुनीता योगी, डॉ. दीप्ति खंडेलवाल, डॉ. भावना गौतम, डॉ. मनीषा शर्मा, डॉ. नेहा सलूजा, डॉ. अंजु गुप्ता, डॉ. नमिता गोयल, डॉ. निधि जैन, डॉ. मुक्ति शर्मा, डॉ. चारु खारोलीवाल, डॉ. नीशू अग्रवाल, डॉ. सुनीता सिंघल, डॉ. प्रियंका माहेश्वरी और डॉ. आशा नंदवाना सहित चिकित्सा एवं सामाजिक क्षेत्र की हस्तियां मौजूद रहीं।
