नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
कोटा। 133वां राष्ट्रीय मेला दशहरा-2026 गौरवशाली विरासत और आधुनिकता के संगम के रूप में आयोजित किया जा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रेरणा से आयोजित मेले में अगले 15 दिनों तक आमजन के मनोरंजन के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक और अन्य कार्यक्रम होंगे। मेले में आने वाले दर्शकों की सुविधा, व्यापारियों के हित, सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए कई व्यवस्थाएं की गई हैं। इस बार रामायण गैलरी, म्यूजिकल फाउंटेन, नई प्रवेश व्यवस्था, विभिन्न स्थानों पर एलईडी स्क्रीन और मेले की वेबसाइट जैसे नवाचार आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
नगर निगम कार्यालय में रविवार को महापौर अनुसुईया गोस्वामी, उपमहापौर विवेक राजवंशी और आयुक्त एवं मेला अधिकारी ओमप्रकाश मेहरा ने मेले की व्यवस्थाओं की जानकारी दी। महापौर ने बताया कि 20 अक्टूबर को होने वाले रावण दहन कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, विधायक शांति धारीवाल, संदीप शर्मा और कल्पना देवी, राजस्थान रेडक्रॉस सोसायटी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश बिरला, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन तथा अन्य अतिथि शामिल होंगे।
इस बार विजयश्री रंगमंच पर ही होगा रावण दहन
उपमहापौर विवेक राजवंशी ने बताया कि इस वर्ष रावण दहन के आयोजन स्थल की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों को विजयश्री रंगमंच के सामने निर्धारित डी-एरिया से करीब 40 फीट आगे स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य रंगमंच पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में किसी तरह की असुविधा से बचना है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पिछले वर्ष की तुलना में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है। राजस्थान पुलिस की विशेष ड्रोन यूनिट भी ऊंचाई से मेले की गतिविधियों पर नजर रखेगी।
आठ स्थानों पर पार्किंग, तय दरों से अधिक वसूली पर कर सकेंगे शिकायत
मेले में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए दशहरा मैदान की ओर आने वाली सड़कों के आसपास आठ स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। नगर निगम ने साइकिल, दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए शुल्क निर्धारित किए हैं। साइकिल पार्किंग का शुल्क पांच रुपए रहेगा।
मोटरसाइकिल के लिए पहले चार घंटे के 20 रुपए और इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त घंटे के 10 रुपए देने होंगे। चारपहिया वाहन के लिए पहले चार घंटे का शुल्क 50 रुपए तथा इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त घंटे के 20 रुपए निर्धारित किए गए हैं।
यदि पार्किंग संवेदक तय दरों से अधिक राशि वसूलता है या किसी के साथ दुर्व्यवहार करता है, तो उसके खिलाफ शिकायत के लिए हेल्पलाइन की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक पार्किंग स्थल पर शुल्क दरों और हेल्पलाइन नंबर को बड़े अक्षरों में प्रदर्शित किया जाएगा।
पार्किंग स्थल इस प्रकार हैं—धार का अखाड़ा के पास, किशोरपुरा रोड स्थित वाहन स्टैंड, ईदगाह के सामने, आशापाला कॉलोनी के बीच, पशु मेला फेज-2 में पुलिस कंट्रोल रूम के पास, पशु मेला फेज-2 में केडीए के सामने तथा बकरामंडी के भूखंड संख्या एक और दो।
रामायण गैलरी से लेकर म्यूजिकल फाउंटेन तक नए आकर्षण
मेले में इस वर्ष रामायण गैलरी विकसित की गई है। डॉल्फिन पार्क के सामने नगर निगम भवन की बाउंड्री के सहारे भगवान श्रीराम से जुड़े प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा। मेला परिसर के विभिन्न खंभों पर रामायण के पात्रों को दर्शाते नियोन साइन भी लगाए गए हैं। इनमें भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता और हनुमानजी के स्वरूप नजर आएंगे। प्रवेश द्वारों और बाजारों के नाम भी रामायण के पात्रों से जोड़कर रखे गए हैं।
पश्चिमी जोन में म्यूजिकल फाउंटेन लगाया गया है, जहां जलपरी की प्रस्तुति भी आकर्षण रहेगी। विजयश्री रंगमंच से दूर बैठे दर्शकों और व्यापारियों तक कार्यक्रमों का आनंद पहुंचाने के लिए दशहरा मैदान में अलग-अलग स्थानों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सीधा प्रसारण किया जाएगा। इससे भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।
किशोरपुरा में नए प्रवेश द्वार, कारोबार को मिलेगा सहारा
आमजन की आवाजाही सुगम बनाने के लिए किशोरपुरा थाने के सामने नल-नील द्वार और किशोरपुरा स्थित नीलकंठ द्वार के पास एक अन्य प्रवेश द्वार विकसित किया गया है। निगम प्रशासन का उद्देश्य है कि लोग इन द्वारों का भी उपयोग करें, जिससे इस दिशा में स्थित दुकानदारों और व्यापारियों को लाभ मिल सके। यहां लोगों की सुविधा के लिए झूले और खानपान की दुकानें भी आवंटित की गई हैं।
वेबसाइट पर मिलेंगे अपडेट, यूट्यूब पर भी होगा प्रसारण
मेले से जुड़ी जानकारी लोगों तक आसानी से पहुंचाने के लिए वेबसाइट शुरू की गई है। इस पर कार्यक्रमों और व्यवस्थाओं से संबंधित अपडेट उपलब्ध रहेंगे। मेले के कार्यक्रमों का यूट्यूब पर भी सीधा प्रसारण किया जाएगा। आमजन को कार्यक्रमों के लिए आमंत्रित करने के उद्देश्य से प्रतिदिन एसएमएस भेजे जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार के लिए इन्फ्लुएंसर्स को भी जोड़ा गया है।
सफाई, फॉगिंग और बीमा पर भी ध्यान
मेला परिसर में रंग-रोगन, मैदान के सुदृढ़ीकरण, सड़क मरम्मत और अन्य टूट-फूट सुधारने के कार्य किए गए हैं। मेले के दौरान नियमित सफाई के लिए सफाईकर्मी तैनात रहेंगे और प्रतिदिन फॉगिंग कराई जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सीसीटीवी कैमरों के साथ अन्य निगरानी इंतजाम भी किए गए हैं।
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष भी मेले का बीमा कराया गया है, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा मिल सके। झूला संचालकों से भी अलग से बीमा करवाया गया है। महापौर, उपमहापौर और मेला अधिकारी ने कहा कि मेले में आने वाले लोगों की सुविधाओं और व्यापारियों की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि कोटा की ऐतिहासिक पहचान वाला यह आयोजन सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
