नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
कोटा के 133वें राष्ट्रीय मेला दशहरा-2026 के तहत 15 अक्टूबर को निकलने वाली प्रभु श्रीराम की राम बारात शोभायात्रा को भव्य स्वरूप देने की तैयारियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को महापौर अनुसुईया गोस्वामी के नेतृत्व में नगर निगम के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने गीता भवन से दशहरा मैदान तक शोभायात्रा मार्ग का पैदल निरीक्षण किया। महापौर ने पूरे मार्ग को भगवा पताकाओं, झालरों, बंदनवार, विद्युत सज्जा और स्वागत द्वारों से सजाने के निर्देश दिए, ताकि शहर में सनातन संस्कृति की झलक दिखाई दे।
निरीक्षण दल ने गीता भवन से यात्रा शुरू कर वाल्मीकि भवन, सब्जी मंडी, भगत सिंह चौराहा, गांधीजी की पुल, कैथूनीपोल चौराहा, टिपटा और किशोरपुरा दरवाजे होते हुए दशहरा मैदान तक व्यवस्थाएं देखीं। महापौर ने मार्ग से निर्माण सामग्री, मलबा और अन्य अवरोध तत्काल हटाने तथा विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने ढीले और लटकते बिजली के तारों को ऊंचा करने, खुले तार सुरक्षित करने, पर्याप्त रोशनी रखने और सड़क के गड्ढों की मरम्मत समय पर पूरी करने को कहा।
महापौर ने निर्देश दिए कि 15 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे बाद शोभायात्रा मार्ग खाली कराया जाए। यातायात को डायवर्ट कर रास्ता पूरी तरह सुचारू रखा जाए। प्रमुख चौराहों पर रामध्वज लगाने और पूरे शहर को राममय बनाने की तैयारी भी की जा रही है।
महापौर ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की मंशा के अनुरूप राम बारात को ऐतिहासिक स्वरूप दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु स्वयं को प्रभु श्रीराम की बारात का सहभागी महसूस करें।
निरीक्षण में उप महापौर विवेक राजवंशी, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, प्रदेश प्रवक्ता पंकज मेहता, पंडित गोविंद शर्मा, पूर्व महापौर राजीव भारती, शहर महामंत्री रितेश चित्तौड़ा, अतिरिक्त मेला अधिकारी भावना सिंह, उपायुक्त धीरज कुमार सोनी, चीफ इंजीनियर महेश गोयल तथा पार्षद संदीप भाटिया, नवीन माथुर, पुरुषोत्तम यादव, मोहन सुमन, सुरेंद्र राठौर, सीमा चौधरी, सुनीता नायक और राहुल माथुर सहित निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
