नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
133वें राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 में श्री राम रंगमंच पर रामलीला के तीसरे दिन ताड़का वध, अहिल्या उद्धार और धनुष यज्ञ के प्रसंगों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राघवेंद्र कला संस्थान के कलाकारों ने सशक्त अभिनय और प्रभावशाली संवादों से रामायण के प्रसंगों को जीवंत किया। रोमांचक दृश्यों के बीच पंडाल में जय श्रीराम के जयकारे गूंज उठे।
कार्यक्रम का शुभारंभ नागरिक सहकारी बैंक के चेयरमैन राजेश कृष्ण बिरला और महापौर अनुसुईया गोस्वामी ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूपों का विधि-विधान से पूजन कर किया। इसके बाद रामलीला का मंचन शुरू हुआ।
विश्वामित्र आगमन के प्रसंग में यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ द्वारा राम और लक्ष्मण को महर्षि के साथ भेजने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। पुत्रों से बिछड़ने के प्रसंग में राजा दशरथ की भावुकता ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके बाद ताड़का वध, मारीच-सुबाहु के साथ युद्ध, अहिल्या उद्धार और गंगा दर्शन के प्रसंगों का मंचन हुआ।
जनकपुरी में सीता स्वयंवर की कथा ने दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा। सीता के बाल्यकाल के दृश्य में भगवान शिव के धनुष को खेल-खेल में उठाने का प्रसंग दिखाया गया। सीता की सामर्थ्य देखकर राजा जनक ने प्रतिज्ञा की कि जो वीर शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी के साथ सीता का विवाह होगा। इस प्रसंग ने रामलीला में उत्सुकता बढ़ा दी।
पूजन और आरती में पार्षद सुनील गौतम, आरडी वर्मा, कौशल शर्मा, सुगना बाई मीणा, राकेश पुटरा, लोकेश गुप्ता, सुनीता नायक, रवि शर्मा, कुलदीप मेहरा, निशा हाड़ा, उपायुक्त एवं मेला प्रभारी सत्यनारायण राठौर, प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र बग्गा और माहेश्वरी समाज अध्यक्ष सुरेश काबरा शामिल हुए। देर रात तक बड़ी संख्या में शहरवासी और श्रद्धालु रामलीला देखने पहुंचे। नगर निगम की ओर से दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा के प्रबंध किए गए।
