नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
कोटा। 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 में मंगलवार को विजयश्री रंगमंच पर आयोजित कोटा पाग और साफा बंधन प्रतियोगिता में राजस्थानी संस्कृति के रंग देखने को मिले। पारंपरिक साफों और पगड़ियों की अलग-अलग शैलियों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। प्रतियोगिता में 11 वर्ष के बालकों से लेकर 65 वर्ष तक के बुजुर्गों ने भाग लेकर परंपरा को जीवंत किया। कुल 41 प्रतिभागियों में चार महिलाएं भी शामिल रहीं, जबकि पांच प्रतिभागियों ने कोटा पाग श्रेणी में हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता का शुभारंभ पूर्व पार्षद जगदीश सिंह जादौन, भाजपा दादाबाड़ी मंडल के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र हाड़ा, कोटा देहात जिला उपाध्यक्ष पवन हाड़ा, विज्ञान नगर मंडल प्रतिनिधि गजेंद्र सिंह देवड़ा, क्रय-विक्रय समिति के चेयरमैन निहाल सिंह राठौड़ और महावीर सिसोदिया ने मां सरस्वती एवं भगवान गणेश के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। महापौर अनुसुइया गोस्वामी और नगर निगम आयुक्त ओपी मेहरा ने अतिथियों का स्वागत किया।
तीन मिनट में बांधना था साफा
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को तीन मिनट के निर्धारित समय में पूरी तरह खुले साफे को करीने से बांधना था। निर्णायकों ने साफा बांधने की शैली, चेहरे के अनुरूप उसके उठाव और झुकाव तथा चुन्नटों के राउंड के आधार पर अंक दिए। मोठड़ा, चुनड़ी, राजपूती, पचरंगी, जोधपुरी, मेवाड़ी, मारवाड़ी और हाड़ौती शैली के साफे आकर्षण का केंद्र रहे। बच्चों और महिलाओं ने भी अपने हुनर से मुकाबले को रोचक बनाया।
दीपक मेहरा और कुलदीप सिंह गोहाटा रहे प्रथम
साफा बंधन प्रतियोगिता में दीपक मेहरा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। योगेश वर्मा दूसरे स्थान पर रहे, जबकि पवन सिंह, युवराज सिंह सोलंकी और प्रिंस मोदी संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे।
कोटा पाग प्रतियोगिता में कुलदीप सिंह गोहाटा प्रथम, लोकेश दाधीच द्वितीय और अमन मेघवाल तृतीय स्थान पर रहे।
समग्र विजेता बने प्रिंस मोदी
प्रतियोगिता की समग्र विजेता श्रेणी में रामपुरा निवासी प्रिंस मोदी को प्रथम स्थान मिला। सवाई माधोपुर के आदित्य सिंह नरूका दूसरे और बोरखेड़ा के लोकेश सिंह चौहान तीसरे स्थान पर रहे। आयोजन के जरिए पारंपरिक साफा और पाग बांधने की कला को मंच मिला और नई पीढ़ी को राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिला।
