कोटा, 4 नवंबर। राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 में मंगलवार रात आयोजित ड्रोन शो ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। 500 से अधिक अत्याधुनिक ड्रोन्स की मदद से आसमान में रामायण के प्रसंगों, अयोध्या के श्रीराम मंदिर और कोटा के विकास से जुड़े दृश्य उकेरे गए। रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते आसमान में उभरती आकृतियों को देखने के लिए हजारों लोग मैदान में मौजूद रहे। दर्शकों ने मोबाइल फोन से इस आयोजन के वीडियो और तस्वीरें भी बनाए।
शो की शुरुआत से पहले सुरक्षा और संचालन संबंधी व्यवस्थाओं के तहत मेला परिसर की रोशनी कम की गई।
इसके बाद एक साथ 500 से अधिक ड्रोन आसमान में पहुंचे। निर्धारित ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ड्रोन्स ने अलग-अलग रंगों और रोशनी के संयोजन से विभिन्न आकृतियां बनानी शुरू कीं। आसमान में उभरते दृश्यों के साथ दर्शकों की तालियां और जयकारे गूंजते रहे।
रामायण के प्रसंगों ने मोहा मन
ड्रोन शो में रामायण के कई प्रमुख प्रसंगों को क्रमबद्ध तरीके से प्रदर्शित किया गया। माता सीता की रक्षा के लिए जटायु और रावण के बीच युद्ध, हनुमानजी की पूंछ में आग लगने और स्वर्ण नगरी लंका के दहन के दृश्य आसमान में जीवंत हुए। इसके बाद भगवान श्रीराम के धनुष-बाण साधने और रावण वध के जरिए धर्म की अधर्म पर विजय का संदेश दिया गया।
श्रीराम दरबार और हनुमानजी द्वारा अपना सीना चीरकर उसमें प्रभु श्रीराम और माता सीता की छवि दिखाने वाले दृश्य भी प्रदर्शित किए गए। अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर की आकृति आसमान में उभरी तो दर्शकों ने ‘जय श्रीराम’ के जयकारे लगाए।
कोटा के विकास की भी दिखाई झलक
धार्मिक प्रसंगों के साथ ड्रोन शो में कोटा के बुनियादी ढांचे और विकास से जुड़े दृश्य भी शामिल रहे। आसमान में प्रसिद्ध हैंगिंग ब्रिज और कोटा हवाई सेवा की आकृतियां बनाई गईं। इन दृश्यों के माध्यम से कोटा को हवाई सेवा से जोड़ने की परिकल्पना और शहर के विकास की उम्मीदों को प्रदर्शित किया गया।
मोबाइल कैमरों में कैद किए यादगार पल
ड्रोन से बनती आकृतियों को देखने के लिए दर्शक पूरे समय आसमान की ओर नजरें टिकाए रहे। बड़ी संख्या में लोगों ने मोबाइल फोन से वीडियो और तस्वीरें बनाईं। शो के समापन पर भारत माता के जयकारों से मेला परिसर गूंज उठा। राष्ट्रीय दशहरा मेले में आयोजित इस ड्रोन शो ने दर्शकों को तकनीक, धार्मिक प्रसंगों और शहर के विकास की झलक एक साथ दिखा
