नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
कोटा, 1 नवंबर। 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 में रविवार की रात विजयश्री रंगमंच संगीत के सुरों से गुलजार रहा। कराओके सिंगिंग कार्यक्रम में शहर के चिकित्सकों, इंजीनियरों, उद्योगपतियों, व्यवसायियों और स्थानीय कलाकारों ने अपनी गायकी का हुनर दिखाया। आमतौर पर अपने पेशे में व्यस्त रहने वाली इन हस्तियों ने जब माइक संभाला तो दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया। सदाबहार फिल्मी गीतों और गजलों से सजी इस संगीतमय शाम में देर रात तक रंगमंच पर रौनक बनी रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज कोटा के प्राचार्य डॉ. नीलेश जैन, पूर्व प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना, स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जगदीश सोनी, सीएमएचओ नरेंद्र नागर, मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा, जेके लोन अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा, एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश सिंह, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दुर्गाशंकर सुमन और डॉ. विकास खंडेलिया सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। मंडल अध्यक्ष विनोद नामा, पूर्व पार्षद प्रतिभा गौतम और रेखा लखेरा भी उपस्थित रहे। उपायुक्त सत्यनारायण राठौर और राकेश व्यास ने अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम में ‘सुरीली स्वरांजलि’, ‘हमराह संस्था’, ‘कोटा कलाकार सोसायटी’ और ‘आरआर ग्रुप’ से जुड़े कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। शहर के प्रोफेशनल्स ने भी अपनी पसंद के गीत सुनाकर संगीतप्रेमियों का मन मोह लिया। डॉ. विजय सरदाना, व्यवसायी अमित बंसल, आर्किटेक्ट अरुण शर्मा, थर्मल के एक्सईएन सत्येंद्र वैष्णव और बीमा क्षेत्र से जुड़े मयंक पवार ने मंच पर अपनी गायकी का प्रदर्शन किया।
कंचन ठाकुर ने गजल ‘मुझे तुम नजर से गिरा तो रहे हो’ सुनाकर माहौल को भावुक बना दिया। सत्येंद्र वैष्णव ने ‘कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है’ गीत प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। डॉ. जगदीश सोनी की ‘महबूबा महबूबा’ की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में जोश भर दिया। डॉ. विजय सरदाना ने किशोर कुमार का सदाबहार गीत सुनाकर पुरानी यादें ताजा कीं। सीए अमित भारद्वाज ने ‘नजर के सामने’ और रितिका पारीक व रोहित पारीक ने ‘मेरे ढोलना सुन’ गीत प्रस्तुत किया। विजय शर्मा ने ‘मधुबन खुशबू देता है’ और श्वेता नामा ने ‘जाने क्या बात है’ गीत सुनाकर दर्शकों की वाहवाही हासिल की।
विजयश्री रंगमंच पर संगीतप्रेमियों और शहरवासियों की अच्छी भीड़ रही। पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच गायकी का शौक रखने वाले डॉक्टरों, इंजीनियरों और अन्य प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
