कोटा। राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 के तहत किसान रंगमंच पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या राजस्थानी लोक संस्कृति, भक्ति और संगीत के नाम रही। कलाकारों ने लोकगीतों, भजनों और पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। ‘म्हारे हिवड़ा में नाचे मोर’ और ‘नाग लपेटा खावे’ जैसी लोकधुनों पर हुई प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया।
कार्यक्रम की शुरुआत लोक देवता बाबा रामदेवजी के प्रसिद्ध भजन ‘अजमल जी रा कंवरा...’ की संगीतमय प्रस्तुति से हुई। भजन के साथ ही रंगमंच पर भक्तिमय माहौल बन गया। इसके बाद कलाकारों ने बॉलीवुड गीत ‘बड़ी दूर से आए हैं, प्यार का तोहफा लाए हैं...’ प्रस्तुत कर दर्शकों का स्वागत किया। गीत को दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा।
सांस्कृतिक संध्या में राजस्थानी लोकगीतों पर आधारित नृत्य प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। कलाकारों ने पारंपरिक परिधानों में ‘म्हारे हिवड़ा में नाचे मोर...’ गीत पर नृत्य किया तो दर्शक भी झूम उठे। वहीं, ‘नाग लपेटा खावे...’ लोकधुन पर कलाकारों के लयबद्ध और आकर्षक नृत्य ने कार्यक्रम में उत्साह भर दिया।
कार्यक्रम में भाजपा नेता देवेंद्र शर्मा, सोसर बाई भील, हरमेंद्र सिंह हाड़ा और हरिकांत लबानिया अतिथि के रूप में मौजूद रहे। लोकगीतों, भजनों और नृत्य प्रस्तुतियों से सजी इस सांस्कृतिक संध्या में दर्शकों को राजस्थानी लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली।
