कोटा, 3 नवंबर। 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 के तहत सोमवार रात दशहरा मैदान स्थित विजयश्री रंगमंच पर स्टैंडअप कॉमेडी नाइट आयोजित की गई। नगर निगम कोटा की ओर से मोशन एजुकेशन ग्रुप के विशेष सहयोग से हुए इस कार्यक्रम में कॉमेडियन रवि खुराना और गौरव महाना ने अपने चुटीले अंदाज और शानदार कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का मनोरंजन किया। दोनों कलाकारों के पंच और हास्य संवादों पर पांडाल में देर तक ठहाके गूंजते रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर महापौर अनुसूया गोस्वामी, मोशन एजुकेशन के चेयरमैन सुरेंद्र विजय, फाउंडर एवं एजुकेटर नितिन विजय, भाजपा के पूर्व कार्यसमिति सदस्य रूपेश शर्मा, ब्राह्मण सभा की विशेष आमंत्रित सदस्य गीता शर्मा, व्यवसायी अमित जैन, मंगलनाथ उज्जैन के महंत नारायण सिंह, अतुल पर्वत भिलाई और गौरव शर्मा छत्तीसगढ़ सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। महापौर गोस्वामी ने अतिथियों का स्वागत किया।
रोजमर्रा की जिंदगी और पारिवारिक रिश्तों पर हास्य के पंच
कॉमेडी शो में दोनों कलाकारों ने आम आदमी की आदतों, रोजमर्रा की जिंदगी, पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक व्यवहार से जुड़ी परिस्थितियों को हास्य के अंदाज में पेश किया। मां-बेटे के खट्टे-मीठे रिश्तों, प्यार-दुलार और डांट-फटकार से जुड़े किस्सों ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। वहीं, पंजाबियों के खान-पान, मां के हाथ के राजमा-चावल और उससे जुड़े मोटापे के मजेदार प्रसंगों पर भी खूब ठहाके लगे।
शादी-ब्याह और पति-पत्नी की नोकझोंक ने बांधा समां
गौरव महाना ने भारतीय शादियों की भव्य परंपराओं, दिखावे, बढ़ते खर्चों और तैयारियों के दौरान होने वाली उलझनों को हास्य के रूप में प्रस्तुत किया। शादी से पहले और बाद की जिंदगी में आने वाले बदलावों, नई जिम्मेदारियों और पति-पत्नी के बीच होने वाली नोकझोंक पर उनके व्यंग्यात्मक संवादों ने दर्शकों को खूब हंसाया। दर्शकों को इन प्रसंगों में अपनी रोजमर्रा की जिंदगी की झलक भी दिखाई दी।
सेल्फी और फोटो के शौक पर भी किए हास्य पंच
रवि खुराना ने लड़कियों की सेल्फी और फोटो खिंचवाने के अंदाज सहित रोजमर्रा के व्यवहार से जुड़े प्रसंगों पर चुटीले संवाद पेश किए। उनकी प्रभावशाली संवाद अदायगी और कॉमिक स्टाइल ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। वहीं गौरव महाना ने अपने हाव-भाव और सहज अभिव्यक्ति से मंच पर माहौल बनाए रखा।
कार्यक्रम में दर्शकों की भागीदारी भी खास रही। दोनों कॉमेडियन्स ने दर्शकों से संवाद किया और उनकी प्रतिक्रियाओं के आधार पर प्रस्तुति को आगे बढ़ाया। हर पंचलाइन पर तालियों और ठहाकों से विजयश्री रंगमंच गूंजता रहा।
