नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
कोटा, 25 अक्टूबर। 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले में बिना अनुमति प्रचार-प्रसार करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। रविवार को निगम की टीम ने मेला परिसर में बिना स्वीकृति लगाए गए दो विशाल प्रचार बैलून हटवाकर जब्त कर लिए। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेले में किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री लगाने से पहले निर्धारित शुल्क जमा कर अनुमति लेना अनिवार्य है।
निगम आयुक्त के निर्देश पर उपायुक्त धीरज कुमार सोनी के नेतृत्व में राजस्व विभाग की विशेष टीम ने मेला परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान बिना पूर्व स्वीकृति और निर्धारित प्रक्रिया के लगाए गए दो बड़े प्रचार बैलून मिले, जिन्हें टीम ने जब्त कर लिया। निगम की इस कार्रवाई से बिना अनुमति विज्ञापन लगाने वाले व्यवसायियों में हड़कंप मच गया।
होर्डिंग-बैनर लगाने के लिए भी अनुमति जरूरी
उपायुक्त धीरज कुमार सोनी ने बताया कि मेला परिसर में बिना वैध स्वीकृति होर्डिंग, बैनर, बैलून या अन्य प्रचार सामग्री लगाना प्रतिबंधित है। अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रचार करने के इच्छुक व्यापारियों एवं संस्थानों को नगर निगम में निर्धारित शुल्क जमा कराकर नियमानुसार अनुमति लेनी होगी।
नियमों की अनदेखी पर आगे भी कार्रवाई
उपायुक्त ने चेतावनी दी कि मेला परिसर की व्यवस्थाओं और राजस्व संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। बिना अनुमति लगाई गई प्रचार सामग्री जब्त की जाएगी और संबंधित पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने व्यापारियों और संस्थानों से अपील की कि वे प्रचार-प्रसार के लिए निगम की स्वीकृति लेकर ही सामग्री लगाएं।
