नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
कोटा। 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले में बिना अनुमति प्रचार करना प्रचारकर्ताओं को भारी पड़ रहा है। नगर निगम ने शनिवार शाम मेला परिसर में कार्रवाई करते हुए प्रचार के लिए लगाए गए पांच बैलून हटवा दिए। इनमें से एक बैलून जब्त कर लिया गया, जबकि एक के मामले में मौके पर 60 हजार रुपए शुल्क जमा करवाया गया। शेष तीन के संचालकों को जल्द राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त धीरज कुमार सोनी के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने यह कार्रवाई की। निगम के अनुसार, मेले में बिना अनुमति प्रचार सामग्री लगाने की शिकायतों और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए कार्रवाई की गई।
उपायुक्त धीरज कुमार सोनी ने बताया कि मेला परिसर में किसी भी तरह की प्रचार सामग्री लगाने से पहले नगर निगम से विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा कराना होता है। बिना अनुमति प्रचार सामग्री लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों की अनदेखी करने पर प्रचार सामग्री जब्त की जाएगी।
मेले में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही और व्यावसायिक गतिविधियों के बीच प्रचार सामग्री लगाने के लिए निर्धारित नियमों की पालना सुनिश्चित करना निगम की प्राथमिकता है। निगम ने स्पष्ट किया है कि प्रचार करने वाले संबंधित व्यक्ति या संस्थान पहले अनुमति लें और निर्धारित शुल्क जमा कराएं, अन्यथा उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
