कोटा। शहर में पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से संचालित ‘पर्यावरण संरक्षण प्रहरी कोटा मुहिम’ के तहत रविवार को 56 इको-फ्रेंडली नवदुर्गा प्रतिमाओं का निशुल्क वितरण किया जाएगा।
सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ एवं इको फ्रेंडली नवदुर्गा क्लब की ओर से आयोजित इस अभियान के दूसरे चरण में शहर की विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं को प्रतिमाएं सौंपी जाएंगी।
आयोजकों के अनुसार, सभी प्रतिमाएं मिट्टी और प्राकृतिक सामग्री से तैयार की गई हैं। इनका उद्देश्य दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान नदियों और जलाशयों में होने वाले प्रदूषण को कम करना तथा लोगों को पर्यावरण के अनुकूल धार्मिक आयोजनों के लिए प्रेरित करना है।
टीलेश्वर महादेव मंदिर में पूजन और महाआरती
प्रतिमा वितरण समारोह से पहले घोड़े वाले बाबा चौराहे के पास स्थित टीलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में स्थल पूजन और महाआरती का आयोजन किया गया। इको फ्रेंडली नवदुर्गा क्लब के अध्यक्ष डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि अभियान की सफलता और आयोजन की तैयारियों के तहत पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इस दौरान मुख्य संयोजक गोविंद नारायण अग्रवाल, संस्थापक महामंत्री राजाराम जैन कर्मयोगी, मंदिर समिति अध्यक्ष रोशन लाल गर्ग, महामंत्री राजेंद्र अग्रवाल सहित विनोद अग्रवाल, चिरंजीवी लाल अग्रवाल, अरुण अग्रवाल और मोहनलाल अग्रवाल मौजूद रहे।
28 प्रतिमाएं 6 फीट और 28 प्रतिमाएं 5 फीट की
मुख्य संयोजक गोविंद नारायण अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष कुल 56 प्रतिमाएं तैयार करवाई गई हैं। इनमें 6 फीट की 28 और 5 फीट की 28 प्रतिमाएं शामिल हैं। प्रतिमाओं को मिट्टी और प्राकृतिक सामग्री से बनाया गया है, ताकि विसर्जन के दौरान जल स्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव कम किया जा सके।
संस्थापक महामंत्री राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ ने बताया कि कार्यक्रम को मोजी बाबा पावन धाम आश्रम की महामंडलेश्वर हेमा सरस्वती, कुलम शक्तिपीठ की साध्वी माता नीति अम्बा और मंगलेश्वरी मठ के पीठाधीश्वर रजीतानंद महाराज का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
धारीवाल मुख्य अतिथि, संदीप शर्मा करेंगे अध्यक्षता
प्रतिमा वितरण समारोह में पूर्व स्वायत्त शासन मंत्री शांति कुमार धारीवाल मुख्य अतिथि होंगे। कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में महापौर अनुसूया गोस्वामी और उप महापौर विवेक राजवंशी उपस्थित रहेंगे। समारोह में धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को इको-फ्रेंडली नवदुर्गा प्रतिमाएं सौंपी जाएंगी।
आयोजकों का कहना है कि इस पहल के जरिए धार्मिक परंपराओं के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने और मिट्टी से बनी प्रतिमाओं के उपयोग को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।
