ADVERTISEMENT
ब्रेकिंग न्यूज़
• हाड़ौती अंचल: कोटा में नए रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट के लिए 120 करोड़ का अतिरिक्त बजट स्वीकृत • चुनाव आयोग ने आगामी निकाय चुनाव हेतु वोटर लिस्ट अपडेशन की समय सीमा बढ़ाई • राजस्थान बोर्ड परीक्षा 2026 की समय सारिणी घोषित, शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी • टी20 वर्ल्ड कप: भारतीय टीम ने दूसरे मुकाबले में भी दर्ज की धमाकेदार जीत
नागरिक अभिव्यक्ति
होम / शिक्षा / लेख विस्तार
शिक्षा

किताबी ज्ञान के साथ कौशल और आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर

तीन कॉलेजों के शिक्षकों के लिए फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम आयोजित

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
अक्षर आकार:
किताबी ज्ञान के साथ कौशल और आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर
किताबी ज्ञान के साथ कौशल और आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर
ADVERTISEMENT
खबर शेयर करें:

कोटा। विद्यार्थियों को विषय पढ़ाने के साथ उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व और समस्या सुलझाने की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है। इसके लिए शिक्षकों को संवादात्मक, गतिविधि आधारित और व्यावहारिक शिक्षण अपनाना होगा। कोटा कॉलेज ऑफ फार्मेसी, कोटा पॉलिटेक्निक कॉलेज एवं कोटा कॉलेज ऑफ एजुकेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम में वक्ताओं ने यह बात कही। आयोजन में जेसीआई कोटा एवं लायंस क्लब कोटा टेक्नो ने सहयोग किया।

मुख्य वक्ता जेसीआई इंडिया के जोन ट्रेनर प्रखर वर्मा ने कहा कि सकारात्मक वातावरण और उचित मार्गदर्शन विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा एवं व्यक्तित्व को बेहतर दिशा दे सकते हैं। शिक्षण को रुचिकर बनाने के लिए विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ानी होगी। उन्होंने व्यावहारिक अनुभवों के जरिए विषय समझाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थी अर्जित ज्ञान को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में लागू करना सीखते हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए चेयरमैन प्रो. डॉ. आर.ए. गुप्ता ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का निरंतर सीखना और समय के अनुरूप अपनी शिक्षण पद्धतियों में बदलाव करना आवश्यक है। ऐसे प्रशिक्षण शिक्षकों को नई तकनीकों और विचारों से परिचित कराते हैं।

डायरेक्टर सिद्धार्थ गुप्ता ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य किताबी ज्ञान के साथ विद्यार्थियों में कौशल, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करना भी होना चाहिए।

कार्यक्रम में फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जगदीश चंद्र नागर, पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य देवेश गोचर एवं एजुकेशन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बी.एल. मेहरा सहित तीनों संस्थानों के शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे। समापन पर तीनों प्राचार्यों ने मुख्य वक्ता का आभार जताया।

ADVERTISEMENT
लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

comment पाठकों की प्रतिक्रिया (Comments)

अपनी राय दर्ज करें: