कोटा। राखी पर्व और त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की बढ़ती खपत को देखते हुए कोटा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा दल ने जिले में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान 390 किलोग्राम घी सीज किया गया, जबकि घी, मावा, मिठाई और पनीर के कुल 4 नमूने लिए गए हैं।
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला राजस्थान के निर्देशन में तथा अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह और जिला कलेक्टर एवं CMHO डॉ. नरेंद्र नागर के सुपरविजन में की गई।
घी, मावा, मिठाई और पनीर के लिए नमूने
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जिले में करीब आधा दर्जन खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत घी, दो मावा/मिठाई और पनीर के नमूने लिए गए। संदिग्ध गुणवत्ता के मद्देनजर मौके पर 390 किलोग्राम घी सीज किया गया।
लिए गए सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई और गुणवत्ता सुधार के निर्देश
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को राखी पर्व को देखते हुए साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता और स्वच्छता के मानकों में सुधार नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ FSS Act के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारी सीजन में खपत बढ़ने के कारण बाहर से आने वाले मावा और पनीर पर भी विभाग की लगातार निगरानी रहेगी। दूध, मावा, मिठाई, घी, तेल, मसाले सहित अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कार्रवाई करने वाली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप अग्रवाल, अरुण सक्सेना, चंद्रवीर सिंह जादोन और मोजीलाल कुंभकार शामिल रहे।
कोटा को मिले 12 नए खाद्य सुरक्षा अधिकारी
खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कोटा जिले में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) से चयनित 12 नए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इससे खाद्य पदार्थों की जांच, सैंपलिंग और मिलावट के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
CMHO डॉ. नरेंद्र नागर के अनुसार जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पद पर विनोद कुमार मेघवाल, अमरीश कुमार, दीपक यादव, खुशी सिंह, ज्ञान मीणा, दिव्या कुमारी, मनीषा रावत, मेहाई आड़ा, भूपेंद्र नागर, मनीष पाटीदार, श्योपाल जितरवाल और रोहित गुप्ता को लगाया गया है।
होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों पर बढ़ेगी निगरानी
नए FSO की नियुक्ति के बाद जिले में होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों, डेयरी, किराना और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच को गति मिलने की उम्मीद है। विभाग अब क्षेत्रवार निरीक्षण और सैंपलिंग की बेहतर योजना बना सकेगा।
विशेषकर त्योहारी सीजन में दूध, मावा, मिठाई, घी, तेल और मसालों सहित अन्य खाद्य पदार्थों की जांच पर फोकस रहेगा। नए अधिकारियों की नियुक्ति से खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी और मिलावट की शिकायतों पर कार्रवाई की क्षमता बढ़ेगी।
विभाग का लक्ष्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। अब लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
