नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
त्योहारी सीजन से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने कोटा में कार्रवाई तेज कर दी है। इंद्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र स्थित बेस्ट प्राइस वॉलमार्ट स्टोर पर गाय और भैंस के घी का 220.5 लीटर स्टॉक सीज किया गया। विभाग ने मिल्क जॉय सहित घी के चार नमूने भी लिए हैं। वहीं, झालावाड़ रोड स्थित वसंती रेजिडेंसी हॉस्टल की मैस से बटर, पनीर, दाल, सूजी, मैदा और मसालों सहित 12 नमूने लिए गए। दोनों स्थानों से लिए गए कुल 16 नमूने जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कोटा भेजे जा रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, बेस्ट प्राइस स्टोर से पहले लिए गए गाय और भैंस के घी के नमूने अनसेफ पाए गए थे। इसके बाद पुनः सैंपलिंग करते हुए शेष 220.5 लीटर घी मौके पर सीज किया गया। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हॉस्टल मैस के निरीक्षण में साफ-सफाई और स्वच्छता की स्थिति संतोषजनक मिली, लेकिन खाद्य पदार्थ संभालने वाले कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र और पानी की जांच रिपोर्ट मौके पर उपलब्ध नहीं थी। इन कमियों पर हॉस्टल मालिक और मैस संचालक को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत सुधार नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्हें 15 दिन में जवाब प्रस्तुत कर कमियों का सुधार सुनिश्चित करना होगा। ऐसा नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार, पूर्व में हॉस्टलों में हुई कार्रवाई के बाद साफ-सफाई की स्थिति में सुधार भी देखा गया है।
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस की पूर्व संध्या पर खाद्य सुरक्षा विभाग और कोटा खुदरा व्यापार संघ का संयुक्त अधिवेशन भी आयोजित किया गया। इसमें व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, लाइसेंस और पंजीकरण संबंधी नियमों की जानकारी दी गई तथा उनकी समस्याओं पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय दशहरा मेला में दुकानदारों को लाइसेंस और पंजीकरण बनवाने में सुविधा देने के लिए विशेष शिविर लगाने पर भी सहमति बनी।
यह कार्रवाई प्रमुख स्वास्थ्य सचिव गायत्री राठौर के निर्देशन, खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के अभियान तथा कोटा जिला कलेक्टर पीयूष समारिया और सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर के मार्गदर्शन में की गई। खाद्य सुरक्षा दल में अधिकारी संदीप अग्रवाल, अरुण सक्सेना, चंद्रवीर सिंह जादौन और मोजीलाल कुंभकार शामिल रहे। विभाग ने बताया कि खाद्य पदार्थों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
