कोटा। राखी पर्व को देखते हुए खाद्य सामग्री की बढ़ती खपत के बीच मिलावट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत शुक्रवार को कोटा जिले में खाद्य सुरक्षा दल ने दर्जनभर खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 12 नमूने लिए गए।
यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशन तथा अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह और जिला कलेक्टर एवं सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर के सुपरविजन में की गई।
मिठाई, तेल और मठरी के लिए नमूने
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से मावा, बर्फी, गुंजिया और घेवर के 4 नमूने लिए। इसके अलावा मूंगफली तेल के 3, वनस्पति एवं कुकिंग मीडियम के 3 तथा मठरी के 2 नमूने लिए गए। नमकीन तलने में इस्तेमाल किए जा रहे यूज्ड ऑयल की भी जांच की गई।
लिए गए सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
साफ-सफाई और गुणवत्ता सुधार के निर्देश
खाद्य सुरक्षा दल ने सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को राखी पर्व को देखते हुए साफ-सफाई बनाए रखने और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता में सुधार के लिए पाबंद किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता में सुधार नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSA Act) के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मावा और पनीर पर विशेष निगरानी
त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के कारण बाहर से आने वाले मावा और पनीर पर भी विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दूध, मावा, मिठाई, तेल, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री की जांच पर विशेष फोकस रखा जाएगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से जिले में खाद्य पदार्थों की जांच, सैंपलिंग और मिलावट के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रखने की बात कही गई है। त्योहारी सीजन में नियमित निगरानी और लिए गए नमूनों की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावी कार्रवाई के जरिए उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा दल में ये अधिकारी रहे शामिल
कार्रवाई करने वाली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप अग्रवाल, अरुण सक्सेना, चंद्रवीर सिंह जादोन और मोजीलाल कुंभकार शामिल रहे।
