कोटा। शहर में प्रसूताओं की मौत के मामले लगातार सामने आने से चिंता बढ़ रही है। कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान 24 वर्षीय प्रसूता सोनिया सैनी की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार यह कोटा में पिछले 12 दिनों के भीतर प्रसूता की चौथी मौत है। मामले में परिजनों ने बूंदी अस्पताल के चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
मृतका के पति राजू के अनुसार सोनिया अपने पीहर हिंडोली में थी। प्रसव पीड़ा होने पर उसे 17 अगस्त को बूंदी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन 18 अगस्त को ऑपरेशन से डिलीवरी हुई, जिसके बाद बच्ची का जन्म हुआ।
परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के बाद सोनिया की तबीयत बिगड़ने लगी। लगातार रक्तस्राव होने के कारण उसकी हालत गंभीर होती चली गई। स्थिति बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
सोनिया की मौत के बाद परिजनों ने बूंदी अस्पताल के चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि प्रसव के बाद लगातार रक्तस्राव के बावजूद स्थिति को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया।
हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने शुरू की जांच
परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर बूंदी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एसआई देशराज सिंह की मौजूदगी में कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मोर्चरी में सोनिया के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपचार से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रसूता की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी तरह की चिकित्सकीय लापरवाही थी या नहीं।
12 दिन में चौथी प्रसूता की मौत का दावा
परिजनों के अनुसार पिछले 12 दिनों में प्रसूता की मौत का यह चौथा मामला है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों को लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रसूताओं को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पिछले मामलों और इस मामले के बीच किसी आधिकारिक संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
