कोटा। गांडीव डिवीजन के स्वर्ण जयंती समारोह के तहत 27 सितंबर को ‘कोटा गांडीव मैराथन 1.0’ का आयोजन होगा। सेना और नागरिकों के बीच पांच दशकों से कायम विश्वास, सहयोग और भाईचारे को समर्पित इस आयोजन में 1500 से अधिक धावक भाग लेंगे। मैराथन में 21, 10 और 3 किलोमीटर की दौड़ आयोजित की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय धावक शक्ति सिंह ने बताया कि बुधवार को नयापुरा स्थित उम्मेद क्लब स्टेडियम में आयोजित एक्सपो के दौरान प्रतिभागियों को बिब वितरित किए गए। मैराथन को लेकर प्रतिभागियों में उत्साह दिखाई दिया। एक्सपो में सेना के हथियारों और सैन्य उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो आकर्षण का केंद्र रही।
उम्मेद क्लब के सचिव लोकेंद्र राजावत ने बताया कि प्रदर्शनी में राइफल, मशीनगन और स्नाइपर राइफल सहित विभिन्न सैन्य उपकरण प्रदर्शित किए गए। उनके अनुसार, प्रदर्शनी में रखे हथियारों की मारक क्षमता 10 से 800 मीटर तक है। इनमें ऐसे हथियार भी शामिल रहे, जिनका इस्तेमाल कारगिल युद्ध से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक किया गया।
मैराथन से पहले सजा सैन्य एक्सपो, हथियारों ने खींचा ध्यान
गांडीव डिवीजन की स्वर्ण जयंती पर 27 सितंबर को दौड़ेगा कोटा, तीन श्रेणियों में 1500 से अधिक धावक लेंगे भाग
कोटा। नयापुरा स्थित उम्मेद क्लब स्टेडियम में बुधवार को सेना के हथियारों और सैन्य उपकरणों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। मौका था गांडीव डिवीजन के स्वर्ण जयंती समारोह के तहत होने वाली ‘कोटा गांडीव मैराथन 1.0’ से पहले आयोजित एक्सपो का। यहां प्रतिभागियों को दौड़ के लिए बिब वितरित किए गए। साथ ही राइफल, मशीनगन और स्नाइपर राइफल सहित विभिन्न सैन्य उपकरण प्रदर्शित किए गए।
27 सितंबर को आयोजित होने वाली मैराथन सेना और नागरिकों के बीच पांच दशकों से कायम विश्वास, सहयोग और भाईचारे को समर्पित होगी। अंतरराष्ट्रीय धावक शक्ति सिंह ने बताया कि आयोजन में 1500 से अधिक धावक भाग लेंगे। प्रतिभागियों के लिए 21, 10 और 3 किलोमीटर की तीन श्रेणियों में दौड़ आयोजित की जाएगी। बुधवार को एक्सपो के दौरान धावकों को बिब वितरण किया गया।
उम्मेद क्लब के सचिव लोकेंद्र राजावत ने बताया कि सैन्य प्रदर्शनी में 10 से 800 मीटर तक की मारक क्षमता वाले हथियार रखे गए। उनके अनुसार, इनमें कारगिल युद्ध से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक में इस्तेमाल किए गए हथियार और सैन्य उपकरण शामिल रहे। प्रदर्शनी के जरिए लोगों को सेना के उपकरणों से परिचित होने का अवसर मिला।
गांडीव डिवीजन के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित इस कार्यक्रम में खेल के साथ सेना के शौर्य और राष्ट्रसेवा का संदेश भी जुड़ा है। मैराथन और सैन्य प्रदर्शनी के माध्यम से युवाओं को सेना की कार्यप्रणाली से परिचित कराने तथा सेना और आमजन के संबंधों को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
