कोटा। अनंत चतुर्दशी महोत्सव पर नगर निगम की ओर से गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए बनाए गए अस्थायी कुंडों में 13 हजार से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। शहरवासियों ने निगम की इस पहल में भागीदारी निभाई। निगम के अनुसार, प्रतिमाओं को बाद में ट्रॉलियों से कंसुआ स्थित सूरसागर ले जाकर विधिवत विसर्जित किया गया।
आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि भितरिया कुंड में दो और मौजी बाबा की गुफा क्षेत्र में एक अस्थायी कुंड बनाया गया था। शुक्रवार सुबह 8 बजे से शुरू हुआ विसर्जन का सिलसिला देर रात तक चला। इन तीनों कुंडों में श्रद्धालुओं ने प्रतिमाओं का विसर्जन किया।
मेहरा ने बताया कि पहल का उद्देश्य चंबल नदी में प्रतिमाओं के विसर्जन को कम करना था, ताकि प्लास्टर ऑफ पेरिस और रंगों में मौजूद रसायनों से नदी तथा जलीय जीवों को होने वाले नुकसान को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि शहरवासियों की सहभागिता से यह नवाचार सफल रहा और श्रद्धालुओं ने पर्यावरण संरक्षण के प्रयास में सहयोग दिया।
घर से भी लीं गणेश प्रतिमाएं
नगर निगम ने विशेष व्यवस्था के तहत शहर के अलग-अलग इलाकों में विसर्जन वाहन भेजे। आयुक्त मेहरा ने बताया कि जिन श्रद्धालुओं के पास प्रतिमा विसर्जन के लिए वाहन की व्यवस्था नहीं थी, उन्हें इस सुविधा से मदद मिली। निगम ने करीब आधा दर्जन वाहन शहर में घुमाए और श्रद्धालुओं से प्रतिमाएं लेकर उन्हें सम्मानपूर्वक विसर्जित किया।
