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सैनिकों की क्षमता बढ़ाने 15 किलो से घटाकर 7.5 किलो किया सूट का वजन

कोटा का ‘हनुमंता एक्सो’ सूट बढ़ाएगा सेना की ताकत

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सैनिकों की क्षमता बढ़ाने 15 किलो से घटाकर 7.5 किलो किया सूट का वजन
सैनिकों की क्षमता बढ़ाने 15 किलो से घटाकर 7.5 किलो किया सूट का वजन
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नगरिक अभिव्यक्ति @ कोटा

देश की रक्षा जरूरतों के लिए अत्याधुनिक उपकरण तैयार करने की दिशा में कोटा का 23 वर्षीय युवा इंजीनियर गौरव राय काम कर रहा है। विकास नगर निवासी 23 वर्षीय इंजीनियर गौरव राय ने सैनिकों की क्षमता बढ़ाने के लिए फुल बॉडी पैसिव रिजिड एक्सो सूट ‘हनुमंता एक्सो’ तैयार किया है। इसका नया संस्करण ‘हनुमंता एक्सो 1.2’ परीक्षण के दौर में है। वहीं उनकी कंपनी का तीन किलो वजनी ‘उपलक’ स्केलेटन एक्सो सूट लॉजिस्टिक कार्यों के लिए सेना को उपलब्ध कराया जा रहा है।

‘हनुमंता एक्सो’ सैनिकों को गोला-बारूद, हथियार और अन्य भारी सामान लेकर चलने में शारीरिक सपोर्ट देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। कंपनी ने वर्ष 2025 में पहला संस्करण ‘हनुमंता

क्सो 1.0’ बनाया था। इसका वजन करीब 15 किलो था और यह 80 किलो तक भार वहन करने में सहायक था। इसके बाद एक्सो 1.1 का वजन घटाकर 11.1 किलो किया गया। अब एक्सो 1.2 को महज 7.5 किलो तक हल्का कर दिया गया है। इसकी भार क्षमता करीब 60 किलो रखी गई है। सेना किसी भी उत्पाद को सीधे उसी स्वरूप में स्वीकार नहीं करती। सैनिकों की जरूरत के हिसाब से लोअर बॉडी, बैक स्पाइन या फुल बॉडी सपोर्ट में बदलाव कराए जाते हैं। कंपनी इस समय एक्सो सूट के अगले संस्करण पर भी काम कर रही है। गौरव की कंपनी दिल्ली आईआईटी के इनक्यूबेशन सेंटर में संचालित है। करीब एक दर्जन लोगों की टीम रिसर्च, डिजाइन और तकनीकी विकास में जुटी है। अब तक 30 से 40 लाख रुपए रिसर्च और डिजाइन पर खर्च किए जा चुके हैं।

90 किलो तक भार में मदद

कंपनी ने लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए ‘उपलक’ स्केलेटन एक्सो सूट विकसित किया है। गौरव के अनुसार इसका वजन करीब तीन किलो है और यह सैनिक को 90 किलो तक भार एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में सहायक हो सकता है। सेना अपनी जरूरत के अनुसार इसमें बदलाव करवाती है।

पिता सेना में रहे, भाई अग्निवीर

गौरव के पिता सत्येंद्र राय सेना से सेवानिवृत्त हैं और कारगिल युद्ध सहित सैन्य अभियानोंमें सेवाएं दे चुके हैं। भाई सेना में अग्निवीर है। गौरव ने स्कूली शिक्षा कोटा से और बीटेक बेंगलुरु से किया। वे अब रिसर्च और पीएचडी की तैयारी के साथ रक्षा तकनीक पर काम कर रहे हैं। पिता सत्येंद्र राय कंपनी में मैनेजिंग डायरेक्टरभी हैं।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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