नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
कोटा। कभी चलने में असमर्थ रहे लोग जब अपने पैरों पर दौड़ते नजर आए तो किशोर सागर तालाब का नजारा प्रेरणा का मंच बन गया। गुलाटी ऑर्थो न्यूरो पीटी एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट एवं डॉ. विनय नवीन गुलाटी की ओर से रविवार को कोटा के पहले ‘हील-ए-थॉन : फ्रॉम पेन टू प्राइड’ का आयोजन किया गया। इसमें घुटने और कमर की समस्या से जूझ चुके करीब 200 लोगों ने हिस्सा लिया और अपने दर्द से उबरने की कहानी साझा की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर और विशिष्ट अतिथि उप महापौर विवेक राजवंशी रहे। आयोजकों के अनुसार शामिल मरीजों ने बिना दवा और सर्जरी के फिजियोथेरेपी उपचार के जरिए स्वास्थ्य लाभ लिया। इनमें ऐसे लोग भी शामिल थे जो कभी ठीक से चल नहीं पाते थे, लेकिन अब दौड़ लगाने में सक्षम हैं।
एसपी सुजीत शंकर ने कहा कि फिजियोथेरेपी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। कई बीमारियों में यह उपचार की प्रमुख पद्धति है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए यह क्षेत्र चुनौतीपूर्ण होने के साथ लोगों को बेहतर जीवन देने का माध्यम भी बन सकता है। उप महापौर विवेक राजवंशी ने कहा कि आज बड़े अस्पतालों में भी फिजियोथेरेपी की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
डॉ. विनय नवीन गुलाटी ने बताया कि कार्यक्रम में दूर-दराज से पहुंचे लोगों ने अपनी रिकवरी की कहानियां साझा कीं। किसी को पैर चलाने में परेशानी थी तो किसी की कमर की समस्या ने जीवन प्रभावित कर दिया था। ऐसे लोग भी कार्यक्रम में उत्साह के साथ दौड़ते दिखाई दिए।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘मूव-ए-थॉन : मोबिलिटी वॉक’ रहा। ‘सफर को सशक्त बनाना—व्हीलचेयर से चलकर दौड़ने तक’ थीम पर किशोर सागर के किनारे चार चरणों में वॉक हुई। इस दौरान जुम्बा, वार्म-अप, फ्लैग ऑफ, 200 ‘रिकवरी वॉरियर्स’ का सम्मान और हेल्थ टॉक आयोजित किए गए। डॉ. आदित्य शर्मा, डॉ. आरके गुलाटी, डॉ. विनीत जैन, डॉ. ओपी मालव और डॉ. अजीत धाकड़ सहित अन्य चिकित्सक व गणमान्य लोग मौजूद रहे।
