कोटा। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के निर्देशानुसार राजस्थान राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (RSACS) एवं पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PHFI) के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को स्टेशन रोड स्थित होटल लिलैक में One Day Orientation-cum-Sensitization Workshop आयोजित की गई। कार्यशाला में जिला एवं ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों को राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) के विभिन्न घटकों और एचआईवी/एड्स की रोकथाम, उपचार एवं देखभाल सेवाओं की जानकारी दी गई।
कार्यशाला का शुभारंभ कोटा जोन के संयुक्त निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. जगदीश कुमार सोनी, डॉ. मुकेश विजयवर्गीय (ज्वाइंट डायरेक्टर, जयपुर मुख्यालय), डॉ. ओपी सामर (सीएमएचओ बूंदी), सीताराम यादव (डिप्टी डायरेक्टर-मेनस्ट्रीमिंग, RSACS) एवं राजेश रंजन (कैपेसिटी बिल्डिंग एक्सपर्ट, PHFI) ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यशाला में कोटा संभाग सहित क्षेत्र के कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ एवं भीलवाड़ा जिलों से सीएमएचओ, डिप्टी सीएमएचओ, आरसीएचओ, डीटीओ, बीसीएमओ सहित अन्य संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संस्था DISHA की ओर से हरलाल ने भी सहभागिता की।
एचआईवी नियंत्रण कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा
कार्यशाला में PHFI के मास्टर ट्रेनर डॉ. श्रवण यादव एवं डॉ. दीप्ति वाजपेयी, सीताराम यादव तथा राजेश रंजन ने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के विभिन्न घटकों पर जानकारी एवं मार्गदर्शन दिया।
प्रतिभागियों को एचआईवी/एड्स की रोकथाम एवं उपचार सेवाओं, उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, रेफरल एवं लिंकज तथा स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न इकाइयों की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही जिला एवं ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा हुई।
कार्यशाला में एचआईवी से जुड़े कलंक एवं भेदभाव को कम करने तथा एचआईवी के साथ जीवन जी रहे व्यक्तियों (PLHIV) के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगात्मक दृष्टिकोण विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों ने जिला एवं ब्लॉक स्तर पर एचआईवी/एड्स नियंत्रण एवं रोकथाम से संबंधित गतिविधियों को प्रभावी बनाने तथा स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न इकाइयों और संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा की।
कार्यशाला के आयोजन एवं समन्वय में RSACS, PHFI, मेडिकल डायरेक्टोरेट एवं DISHA टीम का सहयोग रहा। कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की गतिविधियों को प्रभावी एवं समन्वित तरीके से संचालित करने को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों का उन्मुखीकरण किया गया।
