नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
कोटा में हॉस्टल संचालकों की विद्युत संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में चंबल हॉस्टल एसोसिएशन और कोटा व्यापार महासंघ के प्रयासों के बाद राहत का रास्ता निकला है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के निर्देश पर बुधवार को चंबल हॉस्टल एसोसिएशन, कोटा व्यापार महासंघ, केईडीएल और विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसमें कॉन्ट्रैक्ट लोड कम करवाने, फिक्स्ड चार्ज और अतिरिक्त शुल्क से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
चंबल हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा ने बताया कि हॉस्टलों का स्वीकृत विद्युत भार पूर्ववत रहेगा। केवल कॉन्ट्रैक्ट लोड को 50 किलोवॉट से कम करवाने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसके लिए मौजूदा ट्रांसफॉर्मर, मीटर और अन्य विद्युत उपकरणों में बदलाव की जरूरत नहीं होगी। इच्छुक हॉस्टल संचालक गुरुवार दोपहर 12 बजे तक एसोसिएशन कार्यालय में आवेदन जमा करवा सकेंगे।
कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि बिना पूर्व सूचना लगाए गए अतिरिक्त फिक्स्ड चार्ज का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। पिछले माह लगाए गए अतिरिक्त शुल्क की वापसी पर अधीक्षण अभियंता, कोटा के साथ चर्चा कर समाधान किया जाएगा। पिछले महीनों के ऐसे अतिरिक्त शुल्क, जिनकी अब तक वसूली नहीं हुई है, उन्हें भविष्य में नहीं वसूलने के विषय पर भी विचार किया गया।
कॉन्ट्रैक्ट लोड कम करवाने वाले हॉस्टल संचालकों को पिछले माह का बिजली बिल अतिरिक्त फिक्स्ड चार्ज की राशि छोड़कर जमा करवाना होगा। इसके लिए सकतपुरा स्थित अकाउंट ऑफिस में डिमांड सही करवाने के बाद बिल चंबल हॉस्टल एसोसिएशन कार्यालय में जमा करना होगा। शर्मा ने बताया कि भविष्य में लोड दोबारा बढ़ाने पर निर्धारित शुल्क लागू होगा। कुल शुल्क 400 रुपए प्रति किलोवॉट है, जिसमें पहले जमा 250 रुपए घटाने के बाद अतिरिक्त लोड पर 150 रुपए प्रति किलोवॉट देने होंगे।
बैठक में केईडीएल के जनरल मैनेजर राजेश पटोदी, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता और अन्य अधिकारियों के साथ चंबल हॉस्टल एसोसिएशन एवं व्यापार महासंघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
